
रियाली – गुरमुख सिंह
मंडे क्षेत्र के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आ रही है। आपको बताते चलें कि कई वर्षों से अनाज मंडी रियली मैं ना होने से मंडी क्षेत्र के किसानों को बहुत अच्छी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अनाज मंडी हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्र में ना होने के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए पंजाब का रुख करना पड़ता था। जिससे अब किसानों को निजात मिल रही है।
उच्चस्तरीय टीम निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया है। 10 अप्रैल से फसल मंडी में लाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दी गई है और 15 तारीख से प्रदेश भर में गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। जैसे ही उच्च स्तरीय टीम दिवाली का निरीक्षण कर दी गई है उसी वक्त अब अनाज मंडी रियाली को हरी झंडी मिल गई है ।
आपको बताते चलें कि डॉक्टर आर के भारद्वाज सचिव एपीएमसी कांगड़ा के द्वारा पत्रकार वार्ता में यह जानकारी साझा की गई है कि 10 तारीख से की रजिस्ट्रेशन शुरू हो गई है और 15 से किसान अपनी फसल अनाज मंडी रियली में ले पाएंगे।
इस इस बार गेहूं की फसल के दाम ₹2015 प्रति क्विंटल रहेगा जिससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा और अपने प्रदेश में ही प्रदेश का आनंद दिखेगा इसके अलावा प्रदेश भर में कई अन्य जगहों पर खीर केंद्र खोले गए हैं। जिन जगहों पर किसानों की सूरत के लिए सुविधाएं प्रदान की जा रही है और 15 अप्रैल तक सारा काम मुकम्मल तौर पर पूर्ण करने के निर्देश विभाग द्वारा जारी किए हुए हैं।
अनाज मंडी वाली का कारोबार कांट्रेक्टर मलकीत सिंह धालीवाल निवासी फतेहपुर के पास सौंपा गया है।
