
दूराना – अमित शर्मा
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि पंचायती राज विभाग एवं सरकार द्वारा मनरेगा कार्यों में गुणवत्ता लाने के लिए जो नेशनल मोबाइल मोनिटरिंग सिस्टम योजना लागू करके जो मनरेगा मजदूरों की दिन में तीन बार हाजरी लगाने का फरमान जारी किया है उससे कहीं अच्छा होता कि मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी अन्य सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के बराबर करने की पहल की जाती।
ताकि मजदूरी करने वाले वर्ग में दिहाड़ी को लेकर भेदभाव देखने को ना मिलता। साधू राम राणा ने कहा कि यह समझ से परे है कि एक जैसा काम करने वाले मजदूरों पर दिहाड़ी एवं हाजरी को लेकर अलग अलग मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है।
साधू राम राणा ने कहा कि मनरेगा में कम दिहाड़ी मिलने पर भी मनरेगा मजदूरों के काम की तकनीकी प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करके मजदूरी निर्धारित की जाती है जबकि सरकारी क्षेत्र में अन्य कार्यों में ऐसा मापदंड नहीं अपनाया जाता है।
अतः पंचायती राज विभाग एवं सरकार से मांग की जाती कि मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी एवं हाजरी को भी अन्य सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के आधार पर निर्धारित किया जाए ।
ताकि मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत मजदूर वर्ग दिहाड़ी दर एवं हाजरी प्रणाली को लेकर प्रताड़ना के शिकार होने से बच सकें।
