शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी विभागों में 31 मार्च तक सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियमों और शर्तों के अधीन दैनिक वेतनभोगी में परिवर्तित करने की अधिसूचना जारी कर दी गई।
अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 31 मार्च, 2025 तक सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने के बाद दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। ऐसे अंशकालिक कर्मचारियों की ओर से खाली किए गए पद समाप्त माने जाएंगे।
अंशकालिक कर्मचारी को दैनिक वेतनभोगी में परिवर्तित करने का मामला पिछले कुछ समय से सरकार के विचाराधीन था। सरकार की ओर से बुधवार को अधिसूचना में कहा गया है कि इस आशय के आदेश तथ्यों और अभिलेखों की जांच करने के बाद विभागाध्यक्ष के स्तर पर जारी किए जाएंगे।
संबंधित उम्मीदवार की जन्म तिथि का निर्धारण हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम, 1971 खंड-1 के नियम 7.1 के तहत जारी निर्देशों और प्रदेश वित्तीय नियम, 2009 के नियम 172 में दिए गए प्रावधानों का पालन किया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगी की स्थिति में परिवर्तन केवल भावी प्रभाव से होगा, अर्थात सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आदेश जारी करने की तिथि के बाद।
ऐसे अंशकालिक कर्मचारी, जिन्हें रोजगार कार्यालय की ओर से प्रायोजित किए बिना नियोजित किया गया है, उन्हें रूपांतरण के दौरान छूट दी जा सकती है।
अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी के रूप में परिवर्तित करने के बाद प्रभावी निगरानी के लिए सूचना वित्त (व्यय) विभाग को आनी चाहिए।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि बोर्ड, निगम और सरकारी विश्वविद्यालयों को आदेश को लागू करने का अधिकार नहीं है, लेकिन वे अपनी वित्तीय क्षमताओं के आधार पर स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकते हैं।

