
चम्बा, अनिल समब्याल
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला को लेकर मिंजर की बिक्री को लेकर बाजार सज गए हैं, लेकिन इस पुश्तैनी हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को खरीददार कम हीं मिल पा रहे हैं। कारीगरों की मानें, तो गत दो वर्षों से कोरोना महामारी के चलते मेले का आयोजन बड़े स्तर पर न होने के चलते कामकाज काफी प्रभावित हुआ है।
कारीगरों ने बताया कि अब केवल स्थानीय लोग ही मिंजर खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में पांच से लेकर 50 रुपए तक की मिंजर बिक्री के लिए उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि जनपद में मिंजर मेला का खासा महत्व है, मिंजर मेले के शुभारंभ पर बहनें भाई को मिंजर भेंट करती हैं, मगर पिछले 2 वर्षों से मिंजर मेला कोरोना महामारी के चलते रस्म अदायगी तक ही सिमट कर रह गया है।
