सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन स्थित रानीताल मोहल्ले की मनीषा भंडारी का चयन एम्स में नर्सिंग अधिकारी के तौर पर हुआ है। मनीषा भंडारी का बचपन संघर्ष में बीता। पिता राकेश भंडारी 2010 में चल बसे।
उस समय मनीषा दसवीं की पढ़ाई कर रही थीं। मां सुनीता देवी पर तीन बच्चों की जिम्मेवारी आन पड़ी। मां ने प्राइवेट नौकरी करके बच्चों को पाला पोसा। मनीषा पढ़ाई में होशियार रहीं हैं। छठी कक्षा में जवाहर नवोदय में प्रवेश मिला।
यहां से 12वीं करने के बाद हिमालयन संस्थान कालाअंब से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की। फीस चुकाने के लिए मां ने कर्ज लिया। कर्ज के पैसों से मनीषा ने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। अब उसे उसकी मेहनत का फल मिला है।
मनीषा का कहना है कि मां ने बड़े संघर्ष से उनको पाला-पोसा है। उसका सपना सबसे पहले मां के लिए मकान बनाना है। इसके बाद वह अपनी बड़ी बहन नेहा की शादी करवाएंगी और छोटे भाई को अच्छा कोर्स दिलवाएंगी। मनीषा भंडारी ने सफलता का श्रेय अपनी मां सुनीता देवी और गुरुजनों को दिया है।

