
हिमखबर- डेस्क
बर्फबारी का आनंद लेने के लिए हिमाचल पहुंचे सैलानियों ने खूब मस्ती की। कुदरत का नजारा देख कई पर्यटक झूमने लगे तो कई बर्फ के फाहों को कैमरे में कैद करने लगे। वहीं प्रदेश में रविवार को भारी बारिश-बर्फबारी से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। प्रदेशभर में तीन एनएच समेत 557 सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। एचएच 03 दारचा से सरचू, एनएच 205 ग्रांफू से लोसर और एनएच 05 शिमला-रामपुर बंद रहने के साथ-साथ परिवहन निगम के 280 रूट प्रभावित रहे। प्रदेश में 1079 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा जिला के कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही।
124 पेयजल स्कीमों से पानी की आपूर्ति न होने से लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ा। चंबा जिले में अलग-अलग जगह चार कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मौसम विभाग ने चौबीस घंटे में प्रदेश में मौसम शुष्क, 11 जनवरी से हिमाचल में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।
प्रदेश सरकार ने सड़कों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की छुट्टियां रद्द की गई हैं। अवकाश के दिन लोनिवि के जूनियर इंजीनियर, अधिशाषी अभियंता और अधीक्षण अभियंता की सेवाएं फील्ड में ली जा रही हैं।
बर्फबारी और बारिश के चलते शिमला के जुब्बड़हट्टी और भुंतर में हवाई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। गगल एयरपोर्ट में रविवार को विमान सेवा सुचारु होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली।
जिला कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बर्फबारी से जनजीवन पहले से और भी मुश्किल हो गया है। कुल्लू व लाहौल में करीब 210 सड़कों पर यातायात ठप है।
यहां 150 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं। खराब मौसम को देखते हुए कुल्लू प्रशासन ने सैलानियों को नेहरु कुंड के पास ही रोक दिया है।
जिला चंबा के भरमौर, पांगी, तीसा, सलूणी और किहार में छह इंच से लेकर 24 इंच तक हिमपात हुआ है। जिला कांगड़ा के पर्यटन क्षेत्र नड्डी व धर्मकोट में बर्फबारी हुई है।
इन क्षेत्रों में डेढ़ इंच तक हिमपात हुआ है। दुर्गम क्षेत्र बरोट व मुल्थान में भी पांच से छह इंच हिमपात हुआ है।
जिला मंडी के कमरुनाग, शिकारी देवी, जंजैहली, सरोआ और पांगणा की चोटियों में भारी हिमपात हुआ है। किन्नौर जिले में रामपुर उपमंडल के नारकंडा एनएच-5 और आनी के जलोड़ी जोत में एनएच 305 बंद होने से यातायात बाधित है।
कहां कितना हिमपात (सेंटीमीटर में)
रोहतांग 100
अटल टनल 60 सेंमी
जलोड़ी दर्रा 40
सोलंगनाला 25
कुफरी 55
डलहौजी 30
शिमला 15
रोहतांग 100
अटल टनल 60 सेंमी
जलोड़ी दर्रा 40
सोलंगनाला 25
कुफरी 55
डलहौजी 30
शिमला 15
प्रदेश के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान
शिमला 3.8, भुंतर 7.4, डल्हौजी 3.8, चंबा 8.9, केलांग -3.6, धर्मशाला 10.6, ऊना 13.6, मंडी 2.8 और हमीरपुर 10.6
शिमला 3.8, भुंतर 7.4, डल्हौजी 3.8, चंबा 8.9, केलांग -3.6, धर्मशाला 10.6, ऊना 13.6, मंडी 2.8 और हमीरपुर 10.6
कहां कितनी बारिश
नैना देवी 58, राजगढ़ 52, चंबा 49, सोलन 43, नाहन और ऊना 42 -42, बिलासपुर 39, कंडाघाट 38 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
नैना देवी 58, राजगढ़ 52, चंबा 49, सोलन 43, नाहन और ऊना 42 -42, बिलासपुर 39, कंडाघाट 38 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
कांगड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को सुबह से ही पहाड़ों पर हिमपात जारी रहा, जबकि मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही।
वहीं गगल एयरपोर्ट में विमान सेवा सुचारु होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके अतिरिक्त दुर्गम पर्यटन क्षेत्र बरोट और बड़ा गांव में बर्फबारी से रविवार को फिर से बस सेवा बंद हो गई।
लगातार छह दिनों से हो रहे हिमपात से धौलाधार की पहाड़ियां बर्फ से लद गई हैं। वहीं पर्यटन क्षेत्र धर्मकोट, मैक्लोडगंज, भागसूनाग, नड्डी में घूमने आए पर्यटकों को बर्फ का नजारा देखने को मिला तथा लोगों ने रविवार को जमकर बर्फवारी का लुत्फ उठाया।
वहीं, देश-विदेश से इंद्रुनाग और बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठाने आए पर्यटकों को रविवार को भी मायूस होना पड़ा। दुर्गम क्षेत्र बरोट और मुल्थान में रविवार को भी सुबह से पांच सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है।
मुल्थान के साथ लगते इलाकों रोलिंग, राज गुंधा, कोठी कोढ़, धरमान, सलाह, मियोट, पंजोड, ज्धार में पांच सेंटीमीटर का ताजा हिमपात हुआ है। वहीं पैराग्लाइडिंग साइट बिलिंग में भी डेढ़ इंच तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है।
पर्यटन नगरी में मनाली में सीजन का दूसरा हिमपात हुआ। सैलानियों ने बर्फ के साथ अपनी तस्वीरों को यादगार बनाने के लिए कैमरों में कैद दिया। कुछ सैलानी सेल्फी व वीडियोग्राफी करते दिखे।
बर्फ की सफेद चांदी से लकदक मनाली के पहाड़ों को भी पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया। सैलानियों ने रविवार को हिडिंबा माता मंदिर, नेहरूकुंड और माल रोड पर बर्फबारी का आनंद उठाया।
एक दूसरे पर बर्फ के गोले बनाकर फेंक कर खूब मस्ती की। मनाली में बर्फबारी शुरू होते ही सैलानी अपने-अपने होटलों से बाहर आए और माल रोड पर पहुंचे।
नेहरूकुंड से आगे सैलानियों के वाहनों को नहीं जाने दिया। यहां पर पुलिस के जवान सेवा देते रहे। आपात स्थिति में फोर-बाई-फोर वाहन में आगे जाने की अनुमति पुलिस की ओर से दी गई।
रांगडी से नेहरूकुंड तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे सैलानी परेशान हुए। पुलिस के जवान जाम को खोलने के लिए पसीना बहाते रहे।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने बताया कि बर्फबारी के चलते सैलानियों को नेहरूकुंड तक ही जाने दिया, जबकि सोलंगनाला जाने पर रोक लगी।
उन्होंने कहा कि बर्फबारी के चलते सड़क पर वाहनों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में सैलानी वाहनों को धीरे से चलाएं। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि पर्यटक सुरक्षा को देखते हुए बर्फीले इलाकों की ओर न जाएं।
जिला सिरमौर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी से हरिपुरधार-नाहन, हरिपुरधार-सोलन, हरिपुरधार-कुपवी, हरिपुरधार-शिलाई सहित लगभग सभी मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं।
हरिपुरधार, कुपवी और नौहराधार क्षेत्र की करीब 40 पंचायतों का संपर्क शेष हिमाचल से कट गया है। भारी बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इसके चलते गिरिपार इलाके में 400 से अधिक गांवों में पिछले 33 घंटे से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। बिजली गुल होने से कई इलाकों में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। 10 मार्च से गिरिपार क्षेत्र में मनाए जाने वाले पौष त्योहार के लिए शिमला और सोलन जिले से घर आ रहे 200 से अधिक लोग राजगढ़ व नौहराधार के बीच फंस गए हैं।
जानकारी मिली है कि रविवार सुबह शिमला और सोलन से चार बसों व कुछ छोटे वाहनों में 200 से अधिक लोग शिलाई, रोनहाट और हरिपुरधार के लिए रवाना हुए थे। भारी बर्फबारी के कारण एक बस चुरवाधार व तीन बसें भट्यूडी के पास जंगल में फंस गई हैं। बसों में सवार सभी सवारियों को वहां से पैदल चल कर ही आना पड़ रहा है।
दिनभर तेज हवाएं चलने के साथ हुई बर्फबारी के कारण सवारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भट्यूडी के पास जहां बसें फंसी हैं वहां से हरिपुरधार लगभग 40 किलोमीटर, रोनहाट 68 किलोमीटर और शिलाई 96 किलोमीटर दूर है। उधर, भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र हरिपुरधार में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली के 200 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं।
शनिवार शाम को 300 से अधिक पर्यटक बर्फबारी देखने हरिपुरधार पहुंचे थे। लोक निर्माण विभाग ने रविवार दोपहर तक हरिपुरधार रोनहाट मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया था। दोपहर बाद हरियाणा से आए करीब 100 से अधिक पर्यटक रोनहाट व शिलाई के रास्ते से वापस चले गए, मगर 200 से अधिक सैलानी अभी भी हरिपुरधार में ही फंसे हुए हैं। अधिशासी अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से छह जेसीबी मशीनें लगाई हैं।
