
शिमला – जसपाल ठाकुर
मंडी जिला में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी का प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से एसआईटी गठित की गई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू की ओर से जारी किए गए आदेशों के तहत एसआईटी का नेतृत्व डीआईजी सेंट्रल रेंज मंडी मधुसूदन करेंगे।
इसके अलावा तीसरी आईआरबीएन से सौम्या संबासिवन, कमांडेंट चौथी आईआरबीएन दिवाकर शर्मा और डीएसपी सीआईडी मंडी यूनिट सुशांत शर्मा को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। एसआईटी को मंडी पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव डाले मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधकारियों की एसआईटी में जांच कर पता लगाएगी की इस मामले में कोई बड़ी साजिश है या नहीं, क्या यह घोटाला एक केंद्र तक सीमित है या इसका जाल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में फैला हुआ है। क्या यह एक संगठित अपराध है या व्यक्तिगत अपराध है। इसके अलावा इस मामले में सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
अभी तक पुलिस जांच में सामने आया है कि मंडी जिले में नेरचौक स्थित अभिलाषी बीएड कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र के उप अधीक्षक प्रोफेसर गोपाल कुमार ने लीक किया था। बीते रविवार को हुई परीक्षा से 25 मिनट पहले गोपाल ने पेपर लीक किया और क्लर्क ने इसे अभ्यर्थी तक पहुंचाया था। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में अब तक सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ये सभी आपस में रिश्तेदार और दोस्त हैं। सभी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। प्रश्नपत्र लीक होने की गुत्थी 12 घंटों के भीतर सुलझाने के बाद सोमवार को एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी थी।
उधर, डीजीपी संजय कुंडू का कहना है कि जेओए के पेपर लीक मामले की जांच के लिए डीआईजी मधुसूदन के नेतृत्व में चार पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी मामले के पहलुओं की जांच करेगी की क्या इस मामले में कोई बड़ी साजिश है या नहीं।
यह घोटाला एक केंद्र तक सीमित है, या इसका जाल राज्य के अन्य क्षेत्रों में फैला हुआ है। यह एक संगठित अपराध है या व्यक्तिगत अपराध है, क्या इस मामले में सरकारी अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी मामले की जांच में इन पहलुओं की जांच करेगी और समय-समय पर जांच की प्रगति के संबंध में पुलिस मुख्यालय को अपडेट करेगी।
