रिकांगपिओ – एसपी क्यूलो माथास
सीमा सडक़ संगठन (बीआरओ) के 120 मजदूरों को किन्नौर श्रम कल्याण कार्यालय द्वारा जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से आयोजित स्वच्छता किट वितरण अभियान विवादों के घेरे में गया है।
68 आरसीसी डिटैचमेंट पोवारी में 120 बीआरओ मजदूरों को स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से यह किट वितरित किए गए थे, हालांकि जब मजदूरों ने किट खोले, तो उन्हें यह देखकर निराशा हुई कि उनमें से कुछ सामान एक्सपायर हो चुका था।
इस घटना ने वितरण प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही को उजागर कर दिया है। मजदूरों को स्वच्छता किट में एक्सपायर्ड सामान मिलना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
यह घटना उन अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है जिन्होंने वितरण से पहले सामान की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच सुनिश्चित नहीं की।
श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया के बोल
उधर, श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया ने माना कि बीआरओ के मजदूरों को प्रदान की गई स्वास्थ्य किट में कुछ सामग्री एक्सपायरी हो चुकी थी। डिब्बा बंद होने के कारण सामग्री की एक्सपायरी तिथि सुनिश्चित नहीं हो पाई थी।
उन्होंने बताया कि स्टेट रेडक्रॉस सोसायटी को इस बारे अवगत करवा दिया गया है और मजदूरों को सामान का उपयोग न करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सामग्री रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से आई थी।