
दुराना – नवीन गुलेरिया
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने जातियों के आधार पर नेताओं को बड़ा छोटा समझने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में जनता नेताओं को जातियों में बांट कर विशेष जाति के नेता कहकर गुणगान करने लग जाती है, जोकि विचारधारा एवं काबिलियत की राजनीति लिए बहुत ही घातक प्रथा बन चुकी है।
कुछ नेता जाति आधार पर अपनी टिकट और जीत पक्की समझकर सालों साल बिना कुछ किए ही सत्ता पर काबिज रहते हैं जिससे केवल व्यक्ति विशेष का विकास होकर अन्य विकास गतिहीन हो जाता है।
हिमाचल में उदाहरण के तौर पर नूरपुर से स्वर्गीय संत महाजन जी और नगरोटा बगवां से स्वर्गीय वाली जी का चयन जाति आधार पर नहीं बल्कि विकास की काबिलियत के आधार पर होने से अथाह विकास देखने को मिला है।
अतः जनता को राजनीति में जागरुकता लाते हुए जातिगत राजनीति से उपर उठकर व्यक्ति विशेष की काबिलियत को परखते हुए चयन करने की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए मत करना चाहिए ताकि जातिवादी राजनीति का अंत और काबिलियत के आधार पर राजनीति की शुरुआत सिस्टम में लाई जा सके।
