संत निरंकारी मंडल गुलेर ने “वननेस वन” के तहत गुलेर में किया पौधरोपण

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स्वतंत्रता के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर संत निरंकारी मिशन द्वारा “वननेस बन” परियोजना का शुभारम्भ, संत निरंकारी मिशन की ब्रांच गुलेर में लगाए 100 से ज्यादा पौधे।

गुलेर14 अगस्त, 2022 – शिव गुलेरिया 

भारत की स्वतंत्रता 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर संत निरंकारी मिशन द्वारा अभियान का शुभारम्भ किया।

‘वननेस वन’ (OnenessVann) नाम की इस परियोजना को सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संपूर्ण भारत के राज्यों में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लाखों की सख्या में वृक्षों का रोपण किया गया ।

इस महाअभियान में संत निरंकारी मिशन के सेवादारों एवं श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अभियान के तहत संत निरंकारी मिशन की शाखा गुलेर के सेवादल के भाई बहनों और चैरिटेबल फाउंडेशन के महात्माओं ने वननेस बन के तहत स्थानीय मुखी बहन आदरणीय संतोष गुलेरिया की अगुवाई में बिलासपुर के जलख गांव में वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर पौधारोपण का विशेष अभियान चलाया जिसमें 100 से ज्यादा पौधे सेवादारों द्वारा लगाए गए

मुखी बहन संतोष गुलेरिया जी ने बताया कि आज पृथ्वी ग्लोबल वाॅर्मिंग की समस्या से जूझ रही है, तो ऐसे समय में वृक्षारोपण का महत्व ओर अधिक बढ़ गया है।

वर्ष 2020 से कोरोना संकट ने हम सभी को प्रकृति की अमूल्य देन, प्राण वायु अर्थात् ऑक्सिजन के महत्व को समझा दिया है।

साथ ही इसकी कमी से उत्पन्न होने वाले सभी दुष्प्रभावों से हमें भली भांति अवगत भी करा दिया है। ज्ञात रहे कि मनुष्य का जीवन जिस प्राण वायु पर आधारित है वह हमें इन वृक्षों के माध्यम द्वारा ही प्राप्त होती है।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जोन 3ए के जोनल इंचार्ज डॉ के सी धीमान ने बताया कि इस अभियान का शुभारम्भ पिछले साल 21 अगस्त को सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने कर कमला द्वारा किया था। जहां पूरे भारत वर्ष के 350 स्थानों पर लगभग 1,50,000 के करीब वृक्षों का रोपण किया गया था।

वहीं सतगुरु माता ने अपने संदेश में कहा कि – प्राण वायु जो हमें इन वृक्षों से प्राप्त होती है धरती पर इसका संतुलन बनाने के लिए हमें स्थान स्थान पर वनों का निमार्ण करना आवश्यक है; जिससे कि अधिक मात्रा में आक्सीजन का निर्माण होगा और उतनी ही शुद्ध वायु प्राप्त होगी।

जिस प्रकार ‘वननेस वन’ का स्वरूप अनेकता में एकता का दृश्य प्रस्तुत करता है उसी प्रकार मानव को भी समस्त भेदभावों को भूलाकर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के भाव में रहकर संसार को निखारते चले जाना है।

सदगुरु माता सुदीक्षा ने उदाहरण दिया कि जिस प्रकार बड़े, बुर्जुगों का आशीष हमारे लिए अनिवार्य है उसी प्रकार से वृक्ष भी हमारे जीवन के लिए अत्याधिक महत्वपूर्ण है।

यह सर्व विदित है कि संत निरंकारी मिशन एक विश्व स्तरीय आध्यात्मिक मंच है जो सभी में ईश्वर निराकार की उपस्थिति के आधार पर प्रेम, सहिष्णुता एवं एकता में सद्भाव की विचारधारा में विश्वास रखता है।

मिशन द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं समय-समय पर देशभर में वृक्षारोपण एवं उनका संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक का उपयोग न करने जैसे अभियानों की पहल की गई है।

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