
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
नशे पर लगाम लगाने के लिए कांगड़ा में सीमावर्ती क्षेत्रों में अब दो राज्यों की पुलिस का पहरा होगा। कांगड़ा पुलिस व पठानकोट पुलिस संयुक्त टीमें बनाकर सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी करेगी, ताकि दोनों राज्यों के नशा तस्करों की सीमाओं पर ही पहचान हो सके।
इसके अलावा नशे के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए पुलिस व जिला कांगड़ा में युवा कलाकारों का सहयोग लेगी। युवाओं की टोलियां बनाई जाएंगी। यह टोलियां जिला में विभिन्न मुख्य चोहरों व स्थानों पर गीत संगीत के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताएंगे।
नशे के खिलाफ रणनीति एवं कार्य योजना बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा डा. खुशहाल शर्मा व पुलिस अधीक्षक पठानकोट अरुण सैनी ने धर्मशाला में बैठक की।
बैठक में एएसपी नूरपुर सुरेंद्र शर्मा भी उपस्थित थे। इस दौरान दोनों राज्यों के एसपी ने निर्णय लिया है कि कांगड़ा में सीमावर्ती क्षेत्र छन्नी, भदरोआ, कंडवाल जैसे प्रवेश स्थानों पर लगाए जाने वाले नाकों में दोनों राज्यों की पुलिस जवान तैनात रहेंगे।
अक्सर देखने में आता है कि पंजाब या हिमाचल की नशा तस्कर बार्डर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं, क्योंकि हिमाचल पुलिस को पंजाब के नशा तस्करों के बारे मे जानकारी नहीं होती है।
पिछले कुछ सालों से तो पंजाब के नशा तस्करों ने उपमंडल इंदौरा व नूरपुर में अपना गढ़ बना लिया है। वह कांगड़ा में रहकर पंजाब में और कांगड़ा दोनों ही स्थानों पर नशा तस्करी को अंजाम देते हैं। इ
सके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों ही राज्यों में किसी नशा तस्कर पकड़ जाता है तो दोनों राज्यों की पुलिस ऐसे लोगों की फोटो व जानकारी शेयर कर देगी, ताकि भविष्य में ऐसे नशा तस्कर दोनों की राज्यों की निगरानी में रहें।
