
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
कांगड़ा जिले के नागरकोट धाम मे गुप्त नवरात्र के दौरान विभिन्न राज्यों से देवी दर्शन करने आ रहे श्रद्धालु अपनी जान को जोखिम में डालकर वनेर खडड में नहा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा कांगड़ा बाइपास पर खड्ड किनारे पुलिस कर्मी तैनात न करने के चलते किसी भी समय कोई हादसा हो सकता है।
पहाड़ी पर बारिश होने और मैदान क्षेत्र में धूप खिलने के वाबजूद खड्ड में अचानक बाढ़ आ जाती है। पहले भी प्रशासन की लापरवाही के चलते कई श्रद्धालु पानी मे डूब कर जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं।
श्रद्धालु बेखौफ अपनी गाड़ियां भी खड्ड में ही लगा रहे हैं। क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रहीं हैं। लगातार बारिश होने से खड्ड के जलस्तर में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।
बृजेशवरी मंदिर प्रशासन ने कांगड़ा बाइपास पर खड्ड किनारे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नानागार का निर्माण करवाया है, लेकिन आधे अधूरे स्नानागार के चलते श्रद्धालुओं को मजबूरी में बाण गंगा (वानेर) खड्ड में नहाना पड़ रहा है।
श्रद्धालु खड्ड को बाण गंगा मानते हुए देवी दर्शन से पहले खड्ड में डुबकी लगाना पवित्र मानते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पर्यटक सीजन दौरान कांगड़ा बाइपास पर पुलिस कर्मी तैनात करने और खड्ड किनारे के रास्ते बंद करने की मांग प्रशासन से की है, लेकिन न रास्ता बंद किया गया, न ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
