
मंडी – डॉली चौहान
पिता की बीमारी से मौत हुई तो देवांगी शर्मा ने डाक्टर बनने की ठान ली। लक्ष्य तय करने के बाद अब वह अपनी मंजिल की ओर धीरे धीरे बढ़ने लगी हैं। पहली से नौवीं कक्षा तक वार्षिक परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
मंडी शहर के पुरानी मंडी की रहने वाली देवांगी शर्मा एंग्लो संस्कृत माडल स्कूल नेला की छात्रा है। उसके पिता की करीब पांच साल पहले किडनी की बीमारी से मौत हो गई थी। मां एंग्लो स्कूल में ही अकांउटेंट हैं।
देवांगी की बड़ी बहन रिधि शर्मा एनआइटी हमीरपुर से बीटेक कर रही है। वह भी दसवीं कक्षा की टापर रही है। प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल किया था। दोनों बहनों में कड़ी स्पर्धा रहती है।
बकौल देवांगी शर्मा, पिता को किडनी की बीमारी से जूझते देखा था तो डाक्टर बन समाज सेवा करने की बात गांठ में बाध ली थी। पढ़ाई कितनी देर करनी है, इसके लिए वह समय की गिनती नहीं करती है, लेकिन जितनी देर पढ़ती है, पूरी ईमानदारी से पढ़ती है।
बड़ी बहन व मां ने हमेशा उसका मार्गदर्शन किया। स्कूल में शिक्षकों का साथ मिलता तो मंजिल हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आई। हां कोविड के दौरान पढ़ाई जरूर प्रभावित हुई। नियमित कक्षाएं नहीं लगी अन्यथा उसने शत प्रतिशत अंक हासिल करने का लक्ष्य रखा था।
एंग्लो संस्कृत माडल स्कूल के प्रधानाचार्य डा. बीएन शर्मा ने बताया कि देवांगी शर्मा एक होनहार छात्रा है। शिक्षकों के मार्गदर्शन व अपनी मेहनत के बदौलत उसे इस मुकाम को हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं आई।
