
चंबा – भूषण गुरुंग
सेना भर्ती की लिखित परीक्षा रद्द होने से युवा वर्ग में सरकार के प्रति रोष है। आक्रोषित युवाओं ने अब सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। युवा वर्ग सड़कों पर उतर आया है और धरना प्रदर्शन कर रहा है।
युवाओं ने कहा कि वर्ष 2021 में उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए ग्राउंड उत्तीर्ण किया था। लेकिन उसके बाद आज दिन तक लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया है।
अब सरकार ने पुरानी भर्तियों को रद्द कर अग्निपथ स्कीम के तहत भर्तियां करने का निर्णय लि है जोकि युवाओं के साथ अन्याय है।
केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया है, जिसमें सेना में भर्ती चार साल के लिए करने के नियम हैं। चार साल बाद 75 फीसदी युवाओं को रिटायरमेंट व एक मुश्त राशि देकर सेना की सेवाओं से अलग कर दिया जाएगा।
इस योजना के तहत पेंशन व अन्य वह सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी जो पूर्व सैनिकों को मिलती हैं। ग्राउंड उत्तीर्ण करने के लिए उन्होंने दिन- रात कठिन परिश्रम किया है।
उन्होंने मांग की है कि पुरानी भर्ती को रद्द न किया जाए और ग्राउंड उत्तीर्ण करने वालों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करवाई जाए।
