हर वर्ष हो रहे चुनावों से वित्तीय नुकसान के साथ विकास भी हो रहा है प्रभावित

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दुराना- राजेश कुमार

देश में हर वर्ष किसी ना किसी राज्य में हो रहे चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने कहा कि पिछले चालीस सालों से देखा जाए तो देश में मध्यावधि चुनावों प्रक्रिया तो कुछ हद तक थम सी गई है लेकिन विधानसभाओं के के चुनाव हर साल किसी ना किसी राज्य में होना आम बात बनी चुकी है।

जिससे जनता की कमाई का पैसा जो विकास कार्यों पर खर्च ना होकर अंधाधुंध चुनावी प्रक्रिया पर खर्च हो रहा है और चुनावी प्रक्रिया के कारण बार बार अचार संहिता लागू होने से विकास कार्यों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिससे देश विकास की दृष्टि से आगे बढ़ने की बजाय पिछड़ रहा है।

अतः अब समय आ गया है कि सभी राजनीति दलों को चुनाव आयोग से मिलकर एक ऐसी चुनावी व्यवस्था का मसौदा तैयार करने की पहल करनी चाहिए ताकि पांच साल में एक बार लोक सभा के चुनाव और एक बार विधानसभाओं के चुनाव देश में कराए जा सके ताकि चुनावों के एवज में हो रहे अंधाधुंध वित्तीय नुकसान को कम करते हुए विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके।

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