
दिन : वीरवार। स्थान : पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा। समय: सुबह 11:00 बजे।
चम्बा- भूषण गुरुंग
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की प्रयोगशाला में मरीज अपना टेस्ट करवाने के लिए हाथ में चिकित्सक की पर्ची लेकर पहुंच रहे हैं। यहां मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। उन्हें टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल के खत्म होने का हवाला देकर लौटाया जा रहा है। मरीजों को निजी प्रयोगशाला में जाने के लिए कहा जा रहा है।
मुस्ताक अपने बीमार बेटे के इलाज की पर्ची लेकर प्रयोगशाला पहुंचते हैं। बताते हैं कि उसके बेटे को तेज बुखार है।चिकित्सक ने उन्हें पर्ची पर लिखे टेस्ट करवाने के लिए कहा है। यहां मौजूद कर्मचारियों ने जब टेस्ट नहीं होने की बात कही तो वह पर्ची लेकर एसआरएल लैब चले गए। यहां पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। मजबूरी में निजी प्रयोगशाला में टेस्ट करवाया।
12:00 बजे एक बुजुर्ग महिला संतकौर लाठी के सहारे प्रयोगशाला पहुंचती हैं। काफी देर खड़ा होने के बाद जब वह पर्ची लेकर अंदर जाती हैं तो वहां बैठे कर्मचारी बताते हैं कि अब प्रयोगशाला बंद हो चुकी है।
दोपहर 1:00 बजे सर्जिकल मरहम पट्टी कक्ष में मरीज अपने जख्मों पर लगे टांके खुलवाने के लिए खड़े हैं। होली निवासी घनश्याम को उनका रिश्तेदार व्हीलचेयर पर लेकर टांग पर लगे टांके खुलवाने के लिए पहुंचता है। वहां मौजूद कर्मचारी उन्हें टांके खोलने से पहले हाथ में कागज का टुकड़ा यह कहकर थमा देते हैं कि उनके पास टांके खोलने वाली कैंची नहीं है। आप निजी केमिस्ट की दुकान से खरीद कर उसे ले आओ। तीमारदार निजी दुकान से 450 रुपये की कैंची खरीदकर लाते हैं तब जाकर कहीं मरीज के टांके खुल पाते हैं।
मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में टेस्ट के दौरान इस्तेमाल होने वाला केमिकल खत्म हो चुका है। इसकी वजह से 100 से 200 रूटीन के टेस्ट प्रभावित हो रहे हैं। मरीजों को एलएफटी, आरएफटी, लिपिड प्रोफाइल और थायराइड टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में जाना पड़ रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रयोगशाला में टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाला केमिकल खत्म हो गया है। उसे मंगवा लिया है। शुक्रवार सुबह मरीजों के टेस्ट शुरू हो जाएंगे। सर्जिकल कक्ष में मरीज से कैंची मंगवाने के मामले का उन्हें पता चला है, इसको लेकर संबंधित कर्मचारी से जवाबदेही की जाएगी।
