
लंज – निजी संवाददाता
आज दिनांक 18 मई 2022 को राजकीय महाविद्यालय लंज के प्राध्यापकों ने नया वेतनमान लागू न करने के कारण अपना विरोध प्रकट किया। उन्होंने वार्षिक परीक्षा तथा प्रैक्टिकल परीक्षा के मूल्यांकन का विरोध किया तथा इस विषय में कुलपति तथा उपकुलपति को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने इस ज्ञापन के माध्यम से कुलपति तथा उपकुलपति से आग्रह किया कि जब तक उनके वेतन से संबंधित शिकायत का निपटारा नहीं हो जाता वे इस तरह के मूल्यांकन का विरोध करते हैं।
आज महाविद्यालय परिसर में ही राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की बैठक हुई जिसमें उन्होंने प्रैक्टिकल परीक्षा का मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। लंबे समय से प्राध्यापक सरकार के सामने यू जी सी वेतनमान को लागू करने की मांग कर रहे हैं। जिसके विरोध में प्राध्यापकों ने यह निर्णय लिया है।
गौरतलब है की सातवें वेतनमान का केंद्र कर्मचारियों को 2016 से तथा राज्य कर्मचारियों को जनवरी 2022 से लाभ मिल रहा है किन्तु महाविद्यालय प्राध्यापकों को अभी तक इसका लाभ प्राप्त नहीं हो पाया है।
स्थानीय इकाई ने सरकार के समक्ष मांग रखी है की शीघ्र अति शीघ्र सातवें वेतन आयोग को प्राध्यापकों पर लागू कर उन्हें यू जी सी स्केल दिया जाएं अन्यथा उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा जिसके व्यापक प्रभाव होंगे।
इस विषय में सरकार तथा शिक्षा मंत्री को पहले भी सूचित किया जा चुका है किंतु उनके द्वारा सकारात्मक उत्तर न मिलने के कारण प्राध्यापकों द्वारा इस प्रकार के विरोध करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में उपस्थित सभी प्राध्यापकों ने एक स्वर में सरकार से शीघ्र ही इसका समाधान करने के लिए कहा है अन्यथा इससे उत्पन्न परेशानियों के लिए सरकार स्वयं उत्तरदायी होगी।
