
शाहपुर – नितिश पठानियां
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित की गई राज्यस्तरीय पेंशनर सम्मान समारोह कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं में खूब आक्रोश देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान जब सीएम जयराम ठाकुर संबोधन के लिए मंच पर पहुंचे पंडाल में बैठी हुई महिलाओं ने पीछे से खिसकना शुरू कर दिया।
मंच से जहां सीएम जयराम ठाकुर अपने साढ़े चार साल की उपलब्धियों का बखान कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ धीरे-धीरे पंडाल से खिसक रही महिलाएं बाहर आकर मीडिया के सामने अपना रोष व्यक्त कर रही थीं।
दरअसल जब महिलाओं से सरकार की ओर से आयोजित इतने बड़े कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ कर जाने की वजह जाननी चाही तो महिलाओं ने सरकार के प्रति खूब रोष व्यक्त किया।
महिलाओं ने कहा कि नेताओं के भाषण तो बहुत मीठे और रोचक हैं मगर जमीनी हकीकत उतनी ही कड़वी और खटाई से भरी हुई है।
आक्रोशित महिलाओं ने तो यहां तक कह दिया कि बुढ़ापा पेंशन तो ठीक है, मगर जो घर में उनके नौजवान बच्चे पढ़-लिखकर बेरोजगार बैठे हैं, उन्हें कब रोजगार सरकार देगी। इसके बारे में क्यों मंच से नहीं बोला जाता।
महिलाओं ने अपनी मन की व्यथा को मीडिया के सामने सार्वजनिक करते हुए दिल की भड़ास निकाली और कहा कि आज मंहगाई और बेरोजगारी ने उनके घर का बजट बिगाड़ कर रख दिया है, मगर आलम ये है कि इसके बारे में न तो कोई नेता और न ही सरकार बात करती है।
महिलाओं ने कार्यक्रम में आने की वजह को भी सार्वजनिक करते हुए कहा कि उन्होंने सोचा था कि इस राज्यस्तरीय रैली में आएंगी तो कुछ भला होगा, मगर यहां भी सिर्फ और सिर्फ भाषण ही सुनने को मिल रहे हैं, जमीनी हकीकत से इनकी बातें कोसों दूर हैं।
