
नूरपुर – देवांश राजपूत
हिमाचल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल बिल माफ करने की घोषणा करके ग्रामीण इलाकों के लोगों को तो खुश कर दिया। जबकि मुख्यमंत्री की इस घोषणा से शहरी इलाकों के लोग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री को सारे प्रदेश को एक ही नजर से देखना चाहिए व प्रदेश की जनता को एक समान लाभ देना चाहिए चाहे लोग ग्रामीण इलाकों के हों या शहरी इलाकों के। शहरी इलाकों की बाद करें तो इस माह से पेयजल की दरें 201 रुपये प्रतिमाह हो गई है।
जलशक्ति विभाग शहरी इलाकों में हर वर्ष पेयजल दरों में 10 फीसदी बढ़ोतरी कर रहा है। शहरी इलाकों में जो पेयजल बिल 32 रुपये प्रतिमाह माह होता था वह अब 201 रूपये प्रतिमाह पहुंच गया है।
शहरी क्षेत्रों के पेयजल उपभोक्ताओं के एक वर्ग ने ग्रामीण इलाकों की तरह शहरी इलाकों में भी पेयजल बिल माफ करके पेयजल आपूर्ति निशुल्क करने की अपील की है।
वहीं एक वर्ग का कहना है कि सरकार शहरी इलाकों में 31 मार्च 2022 तक पेयजल बिल माफ करें व अप्रैल माह से 50 से 100 रूपये के बीच मासिक पेयजल बिल निर्धारित करें।
लोगों ने सरकार से पेयजल बिल माफ करने को लेकर ग्रामीण व शहरी इलाकों के लोगों को एक समान लाभ देने की मांग की है।
यह बोले लोग
निखल महाजन ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल बिल माफ करने की मुख्यमंत्री की घोषणा सराहनीय है, लेकिन यह लाभ शहरी इलाकों के लोगों को भी मिलना चाहिए। सरकार ग्रामीण इलाकों की तर्ज पर शहरी इलाकों में भी पेयजल बिल माफ करने के आदेश जारी करे।
रुचि भारद्वाज ने कहा कि शहरी इलाकों में इस माह में पेयजल बिल की मासिक दरें 200 रूपए प्रतिमाह से ज्यादा हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस के मौके पर ग्रामीण इलाकों में पेयजल बिल माफ करने की घोषणा की थी इसी तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल बिल माफ किए जाएं।
प्रदीप वर्मा ने कहा कि सरकार का ग्रामीण इलाकों में पेयजल बिल माफ करने का फैसला स्वागत योग्य है, इसी तरह शहरी क्षेत्रों के भी पेयजल बिल माफ किए जाएं। सरकार शहरी व ग्रामीण इलाकों के बीच खाई न पैदा करें। प्रदेश के लोगों को एक समान लाभ मिलना चाहिए।
अतुल गुप्ता ने कहा कि एक ही राज्य में दो नियम तर्कसंगत नहीं है। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल बिल माफ करके व ग्रामीण इलाकों में पेयजल निशुल्क करने की घोषणा करके राज्य को शहरी व ग्रामीण इलाकों में बांट दिया है। लोगों को सरकार की ओर से एक समान लाभ मिलना चाहिए व शहरी इलाकों में भी पेयजल बिल माफ होने चाहिए।
