
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल में अब आखिरी दिन मिलने वाली नियुक्ति या ऑफर के बाद छुट्टियों या अन्य कारणों से ज्वाइन न करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को राज्य सरकार ने राहत दी है। ऐसे कर्मचारियों को अब रेगुलर होने के लिए छह महीने का समय नष्ट नहीं करना होगा।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब 31 मार्च और 30 सितंबर को नियुक्ति पत्र या आफर लेटर जारी होने की सूरत में ऐसे कर्मचारियों को देरी से ज्वाइन करने के बावजूद पहली अप्रैल या पहली अक्तूबर से रेगुलर किया जा सकेगा।
कार्मिक विभाग की ओर से ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों को जारी हुए हैं। राज्य सरकार के कर्मचारियों के मामले में ऐसे ही निर्देश हाईकोर्ट ने भी दिये थे। हाईकोर्ट ने गुलशन भाटिया एंड अदर्स बनाम स्टेट आफ हिमाचल प्रदेश मामले में सरकार से कहा था कि लास्ट डे के कारण अवकाश या अन्य औपचारिकताओं के कारण ज्वाइनिंग में होने वाली देरी को सरकार खत्म यानी कंडोन करे। इसके बाद अब राज्य सरकार ने भी ये ही व्यवस्था कर दी है।
गौरतलब है कि हिमाचल में दो तारीखें अनुबंध कर्मचारियों को रेगुलर करने की हैं, जबकि अनुबंध अवधि दो साल की है। एक तारीख है 31 मार्च की और दूसरी 30 सितंबर की। इन तारीखों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ज्वाइनिंग कई बार दो या चार तारीख तक होती है। ऐसे में इस देरी को अब खत्म किया जाएगा।
रेगुलराइजेशन के लिए नियुक्ति या आफर लेटर की डेट ही ली जाएगी। ऐसा न करने की सूरत में संबंधित कर्मचारी को रेगुलर होने के लिए छह महीने का और इंतजार करना पड़ता है। ऐसा अब नहीं होगा। ये निर्देश कार्मिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी हुए हैं।
