
दियोटसिद्ध- अनिल कल्पेश
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर को जाने वाले रास्ते पर उस समय भगदड़ मच गई, जब 700 साल पुराना बरगद का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ की जड़ों की आवाज को सुनकर दुकानदार दुकानें छोड़कर भाग निकले।
भारी भरकम पेड़ जैसे ही दुकानों पर गिरा, तो चार दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं, वहीं साथ लगती करीब आधा दर्जन दुकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा।
बरगद का यह पेड़ माता के मंदिर के लैंटल पर आकर रुका। दुकानें ध्वस्त हो जाने से करीब 25 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। शुक्रवार के दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही कम थी, लिहाजा कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
