बीच रास्ते में छोड़ गई छुक-छुक

--Advertisement--

Image

लगातार हो रही भारी बारिश से गुलेर रेलवे स्टेशन पर लगी ब्रेक, यात्रियों को स्टेशन पर छोड़ खाली भेजी पठानकोट

नगरोटा सूरियां- निजी संवाददाता

लगातार हो रही भारी बारिश तथा गुलेर से आगे जोगिंद्रनगर रेल मार्ग अनसेफ होने के कारण रेल विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से रेल मार्ग फिर से बंद कर दिया। सोमवार से केवल दो गाडिय़ां अप तथा डाउन करेंगी। गुलेर रेलवे स्टेशन के आगे रेल ट्रैक पर मलवा गिरने से पठानकोट- जोगिंद्रनगर रेलमार्ग बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि करीब दो बजे गुलेर से आगे पहाड़ी दरकने से मलवा रेल ट्रैक पर आ गया।

इससे सुबह साढ़े दस बजे पठानकोट से बैजनाथ की ओर जाने वाली रेलगाड़ी गुलेर रेलवे स्टेशन पर रोक दी गई। इससे बैजनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गुलेर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी को खाली ही पठानकोट भेज दिया तो यात्रियों ने जमकर हंगामा किया।

यात्रियों में अश्विनी गुलेरिया ने बताया कि गुलेर से खाली वापस जा रही ट्रेन में जब सवारियां जहां से आई थी वहीं वापस जाने का आग्रह किया तो गुलेर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने उनकी एक न सुनी। जबकि स्टेशन मास्टर का कहना है कि रेलगाड़ी का वापसी कोई समयसारिणी नहीं होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से रेलगाड़ी को खाली ही पठानकोट भेज गया।

उधर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चार दिन से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गुलेर से आगे जोगिंद्रनगर तक रेल ट्रैक को तकनीकी अधिकारियों ने अनसेफ घोषित कर दिया है और कल सोमवार से पठानकोट से गुलेर तक दो रेलगाडिय़ां ही आवाजाही करेंगी।

जिन्में एक रेलगाड़ी सुबह 05:50 बजे पठानकोट से चलकर सुबह 09:30 बजे गुलेर पहुंचेगी। जबकि यही गाड़ी सुबह 11:30 बजे वापस पठानकोट जाएगी। जबकि दूसरी रेलगाड़ी सुबह 10:10 बजे पठानकोट से चलकर बाद दोपहर 02:00 गुलेर पहुंचेगी और यही रेलगाड़ी शाम 05:30 बजे पठानकोट वापस जाएगी।

जबकि पठानकोट रेलवे अधीक्षक अश्विनी शर्मा ने बताया कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर भारी वर्षा के कारण गुलेर से आगे रेलवे ट्रैक बाधित हो गया है और गुलेर से आगे का रेल ट्रैक यात्री सुरक्षा की दृष्टि से अनसेफ घोषित कर दिया है और छह में से चार रेलगाडिय़ां बैजनाथ फंसी होने के कारण सोमवार से दो रेलगाडिय़ां ही पठानकोट से गुलेर तक आवाजाही करेंगी।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कांगड़ा में जंगली जानवरों का कहर, 31 मेमनों को उतारा मौत के घाट; चरवाहों पर टूटा दुखों का पहाड़

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर...

सुबह कमरे से नहीं निकला राहुल… जब दरवाजा खोला तो मंजर देख कांप गई रूह

हिमखबर डेस्क  पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम...

प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में धनराशि स्वीकृत

हिमखबर डेस्क  केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मन्त्री कमलेश पासवान ने...

पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, 10 रुपए घटी एक्साइज ड्यूटी

हिमखबर डेस्क  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में...