
पालमपुर- बर्फू
धौलाधार की श्रंखला के नागवन की पहाड़ियों पर 16वीं सदी में प्रसिद्ध राजा मान सिंह द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मन्दिर मां आशापुरी को पर्यटन की दृष्टि से बिकसित करने की मांग क्षेत्र के लोगों ने उठाई है। सरकार ने यहाँ के लिये सड़क सुविधा, बिजली व मन्दिर के लिये सीढ़ियों का निर्माण कर रखा है । साथ ही रहने के लिये रेस्ट हाउस है ।
मन्दिर पुरातत्व विभाग की देखरेख में है । मन्दिर के दोनों तरफ काफी संख्या में नगरी बस गई है । लोगो का कहना है कि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की काफी सम्भावनाए हैं । प्राकृतिक सौंदर्य में बसे अगर मन्दिर को विकसित किया जाए तो पूरे विश्व मे इसकी अलग पहचान होगी ।
ऐतिहासिक नागवन के धौलाधार श्रंखला के शिखर पर विराजमान यह शक्तिपीठ उपमंडल की धर्मिक व सांस्कृतिक धरोहर है । प्रदेश की वैष्णो कहलाने वाली मां आशापुरी का मंदिर पर्यटन की दॄष्टि से पिछड़ा हुआ है । अपनी बेजोड़ वास्तुशिल्प के लिये चर्चित इस मंदिर में भक्तों की कमी नही है ।
