
धर्मशाला-राजीव जस्वाल
सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर सवर्ण समाज के लोग धर्मशाला पहुंच गए हैं। सवर्ण समाज के लोग विधानसभा को घेरने की तैयारी में है। धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में करीब 5 हजार से अधिक लोग एकत्र हो गए हैं। तपोवन में शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर सवर्ण आयोग गठन को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी देवभूमि क्षेत्रीय संगठन और देवभूमि सवर्ण मोर्चा ने कर ली है। प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन को लेकर पहले ही आंदोलन जारी कर रखा है और अब विधानसभा का घेराव करने के लिए पूरी तैयारी की गई है।
देवभूमि क्षेत्रीय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और देवभूमि सवर्ण मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष मदन ठाकुर वीरवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान ऐलान करते हुए कहा कि चाहे जो कुछ भी हो, वह तपोवन विधानसभा का घेराव अवश्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं की शुद्धिकरण करवाने की जरूरत है, क्योंकि इन दोनों ही दलों में कुछ नेता हैं, जो सवर्ण आयोग के गठन को लेकर ऐतराज जता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब वो गंगाजल लेकर आ गए हैं और अब वो हजारों की संख्या में पहुंच कर सवर्ण आयोग के गठन को बनाने के लिए सरकार से हामी भरवाएंगे अन्यथा आंदोलन और भी तेज होगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि 10 दिसम्बर को अगर उन्हें धर्मशाला में तपोवन तक पहुंचने से पहले अगर कहीं भी रोकने की कोशिश हुई तो वो किसी के रोके नहीं रुकेंगे और इसमें होने वाले नुकसान का जिम्मेदार भी वही होंगे।
उन्होंने सरकार और धर्मशाला की जनता से आग्रह किया कि वो इस दौरान होने वाली परेशानी के लिए माफी के हकदार हैं। गौरतलब है कि उक्त संगठनों की ओर से सवर्ण आयोग के गठन के लिए आंदोलन शुरू कर रखा है। इनकी ओर से 15 नवम्बर से पहले शव यात्रा शुरू कर हरिद्वार तक पैदल यात्रा की। इसके बाद अब तक 1 हजार किलोमीटर की यात्रा तय करके विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन इस आयोग के गठन के लिये लामबद्ध हो चुके हैं।
तपोवन विधानसभा से पहले नहीं रूकेगी यात्रा
तपोवन तक पहुंचने से पहले कहीं भी रोकने की कोशिश की गई तो पद यात्रा नहीं रूकेगी और इसमें होने वाली नुकसान के जिम्मेदार भी वहीं होंगे। उन्होंने सरकार और धर्मशाला की जनता से आग्रह किया है कि इस दौरान होने वाली परेशानी के लिए माफी चाहते हैं पर आंदोलन जरूरी है और एक हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन आयोग के गठन के लिए एकत्रित हुए हैं। यह पदयात्रा विधानसभा जाकर ही रूकेगी।
