शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विपक्ष के बीच तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। पहले दिन से शुरू हुआ यह विवाद आज भी थमने का नाम नहीं ले रहा।
शुक्रवार को जब मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत बोलना चाहा तो विपक्ष ने जोरदार विरोध किया और सदन में हंगामा शुरू हो गया। हालात बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
नेगी का पलटवार
जगत सिंह नेगी ने कहा कि संविधान उन्हें सदन में बोलने का अधिकार देता है, लेकिन विपक्ष सच सुनना नहीं चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष गुटों में बंटा हुआ है,एक गुट बहिष्कार करना चाहता है जबकि दूसरा उनसे प्रश्न पूछना चाहता है।
नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे सदन में नहीं थे तो कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चली, लेकिन जैसे ही वे पहुंचे, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने में नाकाम रहे और अब भाजपा और प्रदेश के लिए “पनौती” साबित हो रहे हैं।
विपक्ष का हमला
वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष राजस्व मंत्री की बात सुनने के लिए बाध्य नहीं है क्योंकि उनकी भाषा मर्यादाओं के विपरीत है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि “पनौती शब्द इस सरकार और राजस्व मंत्री पर पूरी तरह साबित होता है।”
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार आपदा से निपटने में पूरी तरह विफल रही है। विपक्ष का वॉकआउट और कार्यवाही का स्थगित होना सिर्फ एक मंत्री की वजह से हुआ है।
जयराम ठाकुर ने कहा, “मुख्यमंत्री जनता की चिंता छोड़ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। मेरी कुर्सी की चिंता न करें, अपनी कुर्सी की फिक्र करें।”