115 दिन बाद युवक की तलाश खत्म, हरियाणा में हो चुका था अंतिम संस्कार

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सिरमौर – नरेश कुमार राधे 

हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर से लापता हुए 23 वर्षीय तनुज की तलाश एक बेहद पीड़ादायक मोड़ पर आकर खत्म हुई है। गरीब परिवार के बेटे की मौत उसी दिन हो चुकी थी, जिस दिन वह गायब हुआ था।

दुखद यह रहा कि परिवार न केवल बेटे की मौत से अनजान रहा, बल्कि बेटे का अंतिम संस्कार करने का अधिकार भी नहीं मिल पाया। बेटे की मौत के करीब चार महीने बाद परिजनों को दुखद जानकारी मिली।

युवक की मौत ने उसके गरीब परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। सबसे बड़ा दुख यह है कि एक पिता अपने बेटे का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाया।

इस मामले में एक तकनीकी खामी के कारण वह सूचना परिवार तक नहीं पहुंची, जो शायद बेटे के शव को कम से कम सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने का अवसर दे सकती थी।

बताया जा रहा है कि लावारिस शव की बरामदगी की सूचना डेड पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए थी, लेकिन हरियाणा की नारायणगढ़ पुलिस की मानवीय त्रुटि की वजह से यह दूसरी जगह अपलोड हो गई, इसी वजह से शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।

नाहन का रहने वाला तनुज, 11 अप्रैल को बस स्टैंड से दोपहर 1 बजे के करीब लापता हुआ था। उसी रात हरियाणा के नारायणगढ़ स्थित आदर्श फिलिंग स्टेशन के शौचालय से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त उस समय नहीं हो सकी।

पुलिस को शव के पास एक सिरिंज व नशीले पदार्थ के अंश भी मिले थे, जिससे ओवरडोज की आशंका जताई गई थी। शव की पहचान नहीं होने के कारण उसे ‘लावारिस’ मानकर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

23 वर्षीय युवक की गुमशुदगी की शिकायत पर 13 अप्रैल को स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक वीडियो मिला, जिसमें वो आखिरी बार नजर आया। यही तस्वीर उसकी अंतिम तस्वीर बन गई।

मामले में गहराई से जांच करते हुए 7 जुलाई को अपहरण की धारा भी जोड़ दी गई। रविवार, 3 अगस्त को परिवार ने मीडिया के समक्ष अपनी व्यथा साझा की और बेटे की तलाश में मदद की गुहार लगाई।

इसके बाद डीएसपी ( हेडक्वार्टर) रमाकांत ठाकुर के नेतृत्व में जांच को नया मोड़ मिला। नाहन पुलिस की एक टीम नारायणगढ़ पहुंची और लावारिस शवों का रिकॉर्ड खंगालने लगी। यहीं पर तनुज के कपड़े और तस्वीर से शव की पुष्टि हुई।

सोमवार को परिजनों द्वारा कपड़ों और तस्वीरों से बेटे तनुज के शव की शिनाख्त किए जाने के बाद अब हरियाणा पुलिस को तय करना है कि डीएनए परीक्षण की जरूरत है या नहीं। बहरहाल, इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि नाहन से लापता युवक अब इस दुनिया में नहीं रहा।

चूंकि शव के पास नशे की सामग्री मिली थी, इसलिए संभावना है कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई हो। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। यह भी सवाल बना हुआ है कि युवक तनुज नारायणगढ़ कैसे पहुंचा, और किन परिस्थितियों में मौत हुई।

एसपी सिरमौर एनएस नेगी के बोल 

एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने पुष्टि की कि युवक तनुज की मौत 11 अप्रैल को ही हो गई थी। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को नाहन पुलिस की टीम ने नारायणगढ़ जाकर रिकॉर्ड भी खंगाला था, लेकिन तब शव की पहचान नहीं हो सकी। उन्होंने माना कि यदि थोड़ा और संवेदनशीलता से काम लिया जाता, तो मौत की जानकारी पहले मिल सकती थी।

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