विमल नेगी मामले पर सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने शिमला में की पत्रकार वार्ता, जानिए क्या कहा

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शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को विमल नेगी मामले पर शिमला में पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान उन्होंने मामले में भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाकर जमकर हमला बोला। सीएम सुक्खू ने कहा कि विमल नेगी के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। विमल नेगी मामले की जांच के लिए सीबीआई जो भी प्रदेश सरकार से मदद मांगेगी, हम सब देने के लिए तैयार है।

विमल नेगी ने आत्महत्या की है या किन कारणों से उनकी माैत हुई है, उसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि जब परिजनों व कर्मचारियों ने विमल नेगी के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, तो मंत्री जगत नेगी ने मुझसे कहा कि निदेशक देसराज को निलंबित किया जाए और एमडी को हटाया जाए।

मुख्यमंत्री होने के नाते मैंने परिवार की भावनाओं का आदर किया। जगत नेगी ने मेरी विमल नेगी की पत्नी से फोन पर बात बात करवाई और मामले में जांच का भरोसा दिया लेकिन भाजपा इसमें राजनीति कर रही है।

पुलिस अधिकारियों की आपसी खींचतान सामने आई: सीएम

सीएम ने कहा कि हमने ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में भी एक जांच कमेटी गठित की। भाजपा को विमल नेगी के मामले में कोई रुचि नहीं है, भाजपा को केवल सरकार को बदनाम करने व राजनीति करने में रुचि है। हमने एफआईआर दर्ज की, लेकिन रिपोर्ट आने में देरी हुई।

मंत्री राजेश धर्माणी को भी विमल नेगी के परिवार से मिलने किन्नाैर भेजा गया था, लेकिन परिवार के गांव से बाहर होने के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। सीएम ने माना कि हाईकोर्ट में रिपोर्ट देते समय पुलिस अधिकारियों की आपसी खींचतान सामने आई है।

सुक्खू ने कहा कि डीजीपी कोर्ट में हलफनामा दायर करने से पहले मुझसे मिले और एसआईटी को बदलने की बात कही। मैंने इन्कार किया और कहा कि इससे बेहतर मामले को सीबीआई को साैंपा जाना चाहिए। पुलिस ने कोर्ट में अलग रिपोर्ट साैंपी और डीजीपी ने अलग हलफनामा दिया।

अधिकारियों की अनुशासनहीनता हमारी सरकार में सहन नहीं की जाएगी’

सीएम ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव की रिपोर्ट में पेखुबेला प्रोजेक्ट को लेकर कई आरोप लगाए गए, लेकिन जिन पर आरोप लगाए क्या उनका पक्ष नहीं जानना चाहिए था। इसलिए रिपोर्ट पर कानूनी राय लेने को कहा गया। सीएम ने कहा कि भाजपा मामले में मीडिया ट्रायल कर रही है।

सीएम ने कहा कि जयराम को वास्तविकता पर बात करनी चाहिए, जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। बार-बार झूठ बोलने से सच नहीं बदल जाता। सीएम सुक्खू ने साफ किया कि अधिकारियों की अनुशासनहीनता हमारी सरकार में सहन नहीं की जाएगी। इसे लेकर समीक्षा की जाएगी और बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।

विमल नेगी मामले में अपील दायर नहीं करेगी सरकार

उन्होंने कहा कि विमल नेगी मामले में सरकार कोई अपील दायर नहीं करेगी, हाईकोर्ट के आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाएगी। सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट ने विमल नेगी मामले की सीबीआई को जांच दी है। हिमाचल सरकार इसे स्वीकार करती है और हम कोई अपील नहीं करेंगे।

हम चाहते हैं कि विमल नेगी को न्याय मिले, लेकिन मामले में जज की टिप्पणी से वे सहमत नहीं, जिसमें कहा कि सीबीआई जांच टीम में हिमाचल काडर का कोई अधिकारी नहीं होना चाहिए। यह अपने आप में प्रश्न चिन्ह लगाता है कि प्रदेश हाईकोर्ट में कितने जज हैं, जो हिमाचल से संबंधित हैं। इसलिए इस प्रकार की टिप्पणी से हमें बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश को न लुटने दिया जाएगा, ना लुटाने दिया जाएगा।

सांसद हर्ष महाजन भी साधा निशाना

सीएम सुक्खू ने सांसद हर्ष महाजन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के वोटर्स को खरीदकर सांसद बने हर्ष महाजन, भ्रष्टाचार की बातें कर रहे हैं। विधायकों को खरीदकर सांसद बने हैं, बहुमत कांग्रेस का था। जब हर्ष सहकारी बैंक के चेयरमैन बने तो भाजपा ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया, लेकिन चुनाव से पहले वापस ले लिया। वो लोग भ्रष्टाचार की बात कर रहे जो भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।

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