ज्वाली – शिवू ठाकुर
ज्वाली उपमंडल के तहत पटवारखाना भवन भरमाड़ काफी समय से जर्जर स्थिति में है। सरकार और प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वर्षों से मरम्मत न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, जबकि छत से प्लास्टर गिरता है। वहीं, भवन की खिड़कियां-दरवाजे भी दयनीय हालत में हैं। इस हालत में यहां रखा जरूरी रिकॉर्ड भी सुरक्षित नहीं है, जिससे दस्तावेजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मचारियों के अनुसार भवन की दुर्दशा को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। सीलन के कारण दस्तावेजों के नष्ट होने का खतरा रहता है। पटवारखाना में पर्याप्त फर्नीचर का भी अभाव है और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है।
तहसीलदार ज्वाली राजीव टंडन के बोल
इस बारे में तहसीलदार ज्वाली राजीव टंडन का कहना है कि वह जल्द पटवारखाने के भवन का निरीक्षण करेंगे। अगर भवन की हालत संतोषजनक नहीं पाई गई तो भवन की मरम्मत हेतु बजट के लिए जिलाधीश कांगड़ा को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
स्थानीय पंचायत के बोल
वहीं, स्थानीय पंचायत प्रधान सुशील कुमार, नरेश कुमार, विद्या सागर, अशोक कुमार, नरेश चौधरी आदि ने सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द पटवारखाना भवन की मरम्मत करवाई जाए, ताकि आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रह सकें। साथ ही कर्मचारियों को भी काम करने में दिक्कत न हो।