दिल्ली – नवीन चौहान
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में 1.82 लाख कारीगरों और शिल्पकारों ने आवेदन किया है, जिनमें से अब तक मात्र 19305 का पंजीकरण किया गया है। यह जानकारी केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने संसद में राज्यसभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को दी।
बता दें कि 17 सितम्बर, 2023 से 4 फरवरी, 2025 तक पूरे देश में 2.65 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 27.13 लाख कारीगरों और शिल्पकारों का पंजीकरण किया गया है। योजना के तहत परंपरागत शिल्पकारों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जाती है।
किस राज्य में कितने आवेदन और पंजीकरण
कर्नाटक: 31.47 लाख आवेदन, 5.48 लाख पंजीकरण।
उत्तर प्रदेश: 31.26 लाख आवेदन, 1.60 लाख पंजीकरण।
हरियाणा: 7.18 लाख आवेदन, 35,289 पंजीकरण।
जम्मू-कश्मीर: 4.74 लाख आवेदन, 1.52 लाख पंजीकरण।
पंजाब: 1.79 लाख आवेदन, 11657 पंजीकरण।
उत्तराखंड: 2.75 लाख आवेदन, 19184 पंजीकरण।
चंडीगढ़: 1138 आवेदन, 244 पंजीकरण।
5 साल में 30 लाख कारीगरों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पांच वर्षीय प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को 16 अगस्त 2023 को मंजूरी मिली थी। वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक इस योजना के तहत 13000 करोड़ रुपए के बजट से 30 लाख कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता दी जाएगी।