कोटला – स्वयंम
लंबे सुखे के बाद पिछली रात झमाझम बरसे बादलों ने क्षेत्र की यूं सूरत बिगाड़ी की खड्डों, नालो तथा सड़कों का पानी रास्ता बदलकर ग्रामीण आबादी के घरों में घुस गया।
जिससे लोगों का हाल बेहाल होकर रह गया। अपने ही घर में दलदल में डुबे भेड़खडड निवासी बुद्धि सिंह का परिवार तो ऐसी मुसीबत में आ फंसा है कि रसोई में खाना बनाना तो दूर की बात चाय भी नहीं बना पाते।
वलाह गांव की ढलान का पानी फोरलेन सड़क से होता हुआ मिट्टी का गारा लेकर बाढ़ की शक्ल में बुद्धि सिंह के रिहायशी मकान और गौशाला में 6 – 6 फुट भर गया। रात अंधेरे में बड़ी मुश्किल से भाग कर परिवार के सदस्यों की जान बचाई।
सुबह देखा तो घर में आटा, दाल, चावल से लेकर सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीन पानी और कीचड़ में डूब कर तबाह हो गया था। पूरा मकान रहने के लायक करने में लाखों रुपए खर्च आएगा।
इस बारे बुद्धि सिंह ने एसडीएम ज्वाली को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि फोरलेन सडक निर्माण में लगी कंपनी को आदेश देकर सड़क किनारे पानी निकासी की नालियां बनाई जाए ताकि भविष्य में दोबारा नुकसान से बचा जा सके और हुए नुकसान का मूल्यांकन कर मुआवजा राशि दिलाई जाए।
यही नहीं भेड़खडड में आई बाढ़ के रूद्र रूप ने माता बगलामुखी को जाने वाले पुल का पहला पिलर का डंगा क्षतिग्रस्त कर दिया है। जो आने वाले दिनों में पुल के लिए खतरा हो गया है।
त्रिलोकपुर के पास भी भूस्खलन से सड़क अवरूद हुई जो बाद में खोल दी गई। लुटेड गांव में हरसिंह पुत्र फिनाराम की पांच कनाल भूमि में कीमती घास की फसल बाढ़ की भेंट में चढ़ गई। और पूरी जमीन खडड की शक्ल में अख्तियार कर गई।
अभी तो पहली बारिश है मौसम विभाग की चेतावनी अगर सच साबित हुई तो क्षेत्र में भारी तबाही के अशंका जताई जा रही है। कोटला के पारनाला में कांशीराम की दुकान व घर में मालवा और कीचड़ घुसा।
रजोल पंचायत में कालूदीन का पक्का मकान पिछले साल क्षतिग्रस्त हुआ था जो अब धीरे-धीरे गिरने के कगार पर पहुंच गया है। हर जगह गुहार लगाने पर प्रशासन ने कोई सुरक्षा को राहत नहीं दी।

