सिरमौर – नरेश कुमार राधे
सिरमौर जिला के संगड़ाह उपमंडल के अंतर्गत एक सरकारी स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर के पद पर तैनात मूक-बधिर से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी चौकीदार को शिक्षा विभाग ने सस्पैंड कर दिया है, वहीं मामले में संलिप्त अन्य आरोपी कार्यवाहक हैडमास्टर का मामला आगामी कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा विभाग की तरफ से निदेशक एलीमैंटरी को भेजा गया है।
उधर, 4 दिन के पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने गत 2 अप्रैल को दोनों ही आरोपियों को अदालत में पेश किया था।
मूक-बधिर के साथ दिया था घिनौने कृत्य को अंजाम
जानकारी के अनुसार मल्टीटास्क वर्कर के पद पर तैनात मूक-बधिर पीड़िता ने कार्यवाहक हैडमास्टर व चौकीदार पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शर्मनाक बात यह भी रही कि स्कूल के मुखिया व चौकीदार ने शिक्षा के मंदिर में ही इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया था।
यह घटना इसी वर्ष फरवरी माह की बताई जा रही है। चूंकि पीड़िता न तो बोल पाती है और न ही सुन पाती है। लिहाजा बयान कलमबद्ध करने के लिए पुलिस एक्सपर्ट की मदद ली गई थी, ताकि सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल किया जा सके।
जमानत याचिका रद्द होने पर किया था गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार गत 29 मार्च को हाईकोर्ट से आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो गई थी। इसी बीच पुलिस ने आरोपी कार्यवाहक हैडमास्टर व चौकीदार को पूछताछ के लिए थाना में तलब किया था, जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की गई। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
फरवरी माह में सामने आया था मामला
बताया जा रहा है कि पीड़िता गत वर्ष से सरकारी स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर के रूप में कार्यरत है। परिजनों ने इसकी शिकायत डीसी सिरमौर को सौंपी थी। इसके बाद पुलिस ने 24 फरवरी को आईपीसी की धारा 376 के तहत केस दर्ज कर लिया था लेकिन आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन जैसे ही जमानत याचिका रद्द हुई, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

