सड़कों पर बेसहारा गोवंश, फिर किस काम की गोशाला, पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार गौशाला का संचालन करवाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं —
ज्वाली – अनिल छांगू
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार भले ही खुद को किसान बेसहारा पशुओं की हितैषी करार दे रही है लेकिन हकीकत में सरकार के दावे फेल हो रहे हैं। इसका अंदाजा विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन तीन करोड़ की लागत से निर्मित गौ सेंक्चुरी खबल की दशा को देखकर ही लग रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार अपने विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन गौ सेंक्चुरी खबल को आज तक सुचारू करवाने के लिए नाकाम साबित हुए है।
ज्ञात रहेगी कि गौ सेंक्चुरी खबल का कार्य डेढ वर्ष पहले पूरा हो चुका है तथा इसका लोकार्पण वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किया जा चुका है, लेकिन कांग्रेस सरकार अभी तक इसको चालू नहीं कर पाई है। और गौ सेंक्चुरी ख़बल के संचालन के लिए राजनीति की जा रही है तथा राजनीति की इस चक्की में किसान पिस रहे हैं जबकि बेसहारा गौवंश सड़कों पर भटक रहा हैं।
गौ सेंक्चुरी खबल का मुख्य गेट हवा से नीचे गिरा हुआ है और कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के गृह क्षेत्र ज्वाली मे बेसहारा गाय इस तरह सड़को पर भटक रही है कि ना तो इनका कोई मालिक है ,और ना ही इनकी सरकार आखिर यह गोवंश जाए तो जाए कंहा, शायद आज यंही सोचकर यह बेसहारा गौवंश कृषि एवं पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के घर के बाहर खड़ी होकर अपना आशियाना मांग रही है।
एक तरफ किसानों की फसलें चट कर रही है जिससे किसान परेशान होकर गौंवश से मारपीट करते हैं। जिससे सड़कों पर बेसहारा गोवंश, घूम रहा है और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है ।
ज्वाली उपमंडल के किसान राकेश कुमार विजय कुमार कुलवंत सिंह राजेश कुमार करण सिंह सुशील कुमार ने कहा कि इस महंगाई में बहुत महंगा बीज व खाद खेत में डाल रहे हैं लेकिन वह वेसहारा पशु हमारी फसल को चट कर रहे है।उन्होंने कहा कि कई जगह पर लोगों बेसहारा पशुओं की वजह से फसल बीजना ही बंद कर दी हैं
स्थानीय किसानों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व कृषि मंत्री चंद्र कुमार से मांग की है कि किसानों के हित को देखते हुए खबल में बनी गौ सेंक्चुरी का संचालन शीघ्र किया जाए।

