भरी बरसात में प्यासे कोटला गांव के बाशिंदे

--Advertisement--

भरी बरसात में प्यासे कोटला गांव के बाशिंदे।

कोटला – ए.के. शर्मा- व्यूरो चीफ 

पिछले लगभग दो सप्ताह से कोटला में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। भारी बारिश के चलते आए भूस्खलन से लगभग 12 दिनों पूर्व कोटला में पेयजल आपूर्ति योजना की पाईपें टूट गई थी, जिन्हें अभी दुरूस्त किया ही जा रहा था, कि पिछले, दो सप्ताह पूर्व बुधवार को कोटला में भारी भूस्खलन के साथ आए पानी के सैलाब में पाईपें फिर से टूट गई। एवं क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की किल्लत हो गई।

अब लोगों को कई कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पुराने जलस्त्रोतों से पेयजल लाना पड़ रहा है। पेयजल की आपूर्ति न होने से लोग डिस्पोजल प्लेटों में भोजन करने को मजबूर हो गए हैं।

जलशक्ति विभाग द्वारा क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति नाममात्र की जा रही है । दो – दो परिवार मिलकर अपने पैसों से पीने के पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं । लेकिन एक दो बाल्टी को लोग पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयोग करें या बर्तन धोने के लिए या नहाने के लिए या अन्य कार्य के लिए, गहन सोच का विषय है।

पीने का पानी की समस्या कोटला पंचायत के गांव नेरा, शाम नगर, कोटला बाजार, कोटला में पीने का पानी नहीं आने के कारण लोग राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटला व पुराने सूत्रोत आदि से पीने का पानी ला रहे हैं ‌।

स्थानीय निवासी अंशुल, रितेश, राकेश, शशि भटनागर, शिवकुमार, प्रेम कुमार आदि ने विभाग से मांग किया कि जल्द ही पानी की समस्या का हल किया जाए।

स्वच्छता अभियान के दावे कोटला के लोगों के लिए हवा हवाई हो गए हैं । देहर एवं भेड़खड्ड के किनारे लोग शौच आदि के लिए प्रयोग कर रहे हैं। जिससे पेयजल स्त्रोत भी गंदे हो रहे हैं। जिससे लोगो में महामारी फैलने का खतरा बढ़ रहा है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल में शूलिनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की अश्लील चैट वायरल: छात्रों ने खोला मोर्चा

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित एक शूलिनी यूनिवर्सिटी एक...

210 पदों पर होगी सीधी भर्ती, जानें कब और कहां होगा इंटरव्यू

हिमखबर डेस्क जिला रोजगार अधिकारी देविंद्र कुमार ने बताया कि...