सिहुंता कॉलेज को सात साल बाद भी नहीं मिला अपना भवन

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सिहुंता – अनिल संबियाल

राजकीय महाविद्यालय सिहुंता का भवन राजनीति की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सिहुंता में कॉलेज तो खुल गया लेकिन आज तक महाविद्यालय को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है।

हालांकि वर्ष 2017 में छलाड़ा पंचायत के मदराला गांव में जमीन चिह्नित की गई लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद महाविद्यालय भवन के लिए दोबारा जमीन सिहुंता के राख गांव में देखी गई।

इतना ही नहीं महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 13 बीघा जमीन भी विभाग के नाम कर दी। यहां पर सरकारी जमीन भी है बावजूद इसके आज तक सिहुंता कॉलेज को अपना भवन नहीं मिल पाया है।

वर्तमान समय में सिहुंता कॉलेज राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की ओर से प्रदान किए गए दस कमरों में चल रहा है। इनमें से छह कमरों में विद्यार्थियों की कक्षाएं चल रही हैं जबकि चार कमरों में कॉलेज प्राचार्य रूम, स्टाफ रूम और एनसीसी की गतिविधियां करवाई जा रही हैं।

ऐसे में कॉलेज में शिक्षारत 450 विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इस महाविद्यालय में 80 प्रतिशत छात्राएं शिक्षा अर्जित करती हैं।

प्रबुद्धजनों अमित कुमार, सुनील कुमार, कमल कुमार, राजीव कुमार, नरेश कुमार, प्रमोद कुमार आदि ने बताया कि महाविद्यालय का अपना भवन न होने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय विधायक से लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र में महाविद्यालय का भवन निर्माण जल्द करवाया जाए।

महाविद्यालय सिहुंता में प्राचार्य और प्रवक्ताओं समेत पांच पद लंबे अरसे से खाली पड़े हैं जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। प्राचार्य का पद खाली होने से कार्यालय का कामकाज कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य के कंधों पर है। इसके अलावा हिंदी, वाणिज्य और संगीत प्रवक्ताओं सहित लाईब्रेरियन, सुपरिटेंडेंट के पद रिक्त हैं।

सिहुंता कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य प्रिया अभिषेक शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय का अपना भवन न होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।

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