चुवाड़ी अस्पताल में रैंप की नहीं सुविधा, पीठ पर ले जाने पड़ रहे मरीज

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सिहुंता – अनिल संबियाल

लाखों खर्च कर भटियात की 68 पंचायतों की डेढ़ लाख आबादी के लिए बनाए गए सिविल अस्पताल चुवाड़ी का घायलों को नहीं मिल पा रहा है।

कहने को तो अस्पताल परिसर के प्रथम तल पर दो-दो व्हील चेयर रखी गई हैं लेकिन घायलावस्था या चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को आज भी अस्पताल के ओपीडी कक्ष से पीठ पर उठाकर ही विभिन्न कमरों तक लेकर जाना पड़ रहा है।

तीन मंजिला अस्पताल भवन में एक अदद रैंप तक की व्यवस्था नहीं है। इससे खासकर बुजुर्गों, चलने-फिरने में असमर्थ, चोटिल और गर्भवतीमहिलाओं की मुसीबतें बढ़ रही हैं।

कई बार नेताओं, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से ग्रामीण इस संदर्भ में मांग उठा चुके हैं लेकिन मरीजों की ज्वलंत समस्या का हल करने की किसी ने भी जहमत नहीं उठाई है। इससे मरीजों और तीमारदारों में रोष है।

भटियात विधानसभा क्षेत्र के तहत सिविल अस्पताल चुवाड़ी के तीन मंजिला भवन का 4 जुलाई 1980 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री शिव कुमार उपमन्यु ने शिलान्यास किया था। इसके बाद अस्पताल का भवन बनकर तैयार हुआ।

हैरानी की बात है कि तीन मंजिला भवन में चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों और बुजुर्गों के लिए रैंप तक नहीं बनाया गया है। ऐसे में वर्तमान समय में भी मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों अजय चंबियाल, कपिल डोगरा, तनवीर, संजीव कुमार, विजय कंवर, सुशील कुमार, ईश्वर कुमार, सतपाल ठाकुर, जीवन सिंह, सुरेंद्र कुमार और कमल किशोर ने प्रशासन से समस्या का समाधान करते हुए अस्पताल में रैंप बनवाने की मांग की है।

एसएमओ चुवाड़ी डॉ. देवेंद्र पॉल के बोल

एसएमओ चुवाड़ी डॉ. देवेंद्र पॉल ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रैंप निर्माण संबंधी प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए आलाधिकारियों को भेजा गया है।

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