
किसानों को भी किया जाता है जागरुक, किसान भी कर सकते हैं अपनी फसलों का भंडारण
देहरा – शिव गुलेरिया
केंद्रीय भंडार गृह देहरा द्वारा अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया गया। देहरा में केंद्रीय भंडार गृह की स्थापना तत्कालीन केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री शांता कुमार ने की थी। यहां सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिल रहा है।
यहां किसान भी अपनी फसलों का भंडारण कर सकते हैं। यहां से ही पीडीएस की सप्लाई भी होती है। इस अवसर पर केंद्रीय भंडार गृह देहरा के प्रबंधक राजेश कटोच ने बताया की केंद्रीय भण्डारण निगम की स्थापना कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 मार्च 1957 को हुई।
निगम का मुख्य कार्य वैज्ञानिक तरीके से भण्डारण की सुविधा उपलब्ध करवाना है। इस समय केंद्रीय भण्डारण निगम एक प्रमुख एजेंसी के रूप में 101.40 लाख MT की प्रचालन क्षमता के साथ कार्य कर रहा है। किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उनके जमा स्टॉक के भण्डारण किराया पर 30% की छूट देता है।
किसानों व व्यापारियों को रसीद दी जाती है। जिसे बैंक में गिरवी रख कर लोन प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ साथ केंद्रीय भंडारण निगम पेस्ट कंट्रोल, किसानों को जागरूक करने का कार्य, कोल्ड स्टोरेज कस्टम बोंडेड वेयर हाउसिंग, कंटेनर रेल सेवा व अन्य सेवा प्रदान करता है।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर खबली पंचायत प्रधान रिंपी देवी उपप्रधान राजेश कुमार, ठठलेहड़ के उपप्रधान मेहर सिंह, खबली के पूर्व उपप्रधान सुभाष चंद व अन्य सदस्य, भारतीय खाद्य निगम, राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग व केंद्रीय भण्डारण के भूतपूर्व कर्मचारी व अधिकारी मोजूद रहे।
