बड़ा खुलासा, मानव भारती विश्वविद्यालय की 3,000 और डिग्रियां निकलीं फर्जी

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सोलन – जीवन वर्मा

मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री मामले में एक और खुलासा हुआ है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार गठित कमेटी जिन 5,500 डिग्रियों की जांच कर रही थी, उनमें से 3,000 डिग्रियां मापदंडों पर खरा नहीं उतरी हैं। ऐसे में इन डिग्रियों को भी फर्जी बताया जा रहा है।

फर्जी डिग्री मामले में आरोपी राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी को ऑस्ट्रेलिया से लाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। आरोपी राजस्थान के सरोही में भी माधव विश्वविद्यालय चला रहा है। वहां की पुलिस को भी हिमाचल में फर्जी डिग्री से संबंधित पत्र लिखा गया है।

अब मामले की जांच कर रही एसआईटी और अभियोजन विभाग हाईकोर्ट को पत्र लिखकर मामले की लगातार सुनवाई करने का आग्रह करेंगे। मानव भारती की 2,500 डिग्रियां सही पाई गई हैं। इन विद्यार्थियों को एसआईटी ने एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेने को कह दिया है।

सूत्र बताते हैं कि मानव भारती को जिस कोर्स की 50 सीटें दी गई थीं, वहां 75 छात्रों को प्रवेश दिया गया। कई कोर्स ऐसे भी कराए गए, जिनकी अनुमति ही नहीं थी। इन कोर्स की सूचना विनियामक आयोग को भी नहीं दी गई। इनकी ग्रीन शीट रजिस्टर में भी एंट्री नहीं हुई है।

पहले 43,000 डिग्रियां पाई गई थीं फर्जी

मानव भारती विश्वविद्यालय की 43,000 डिग्रियां पुलिस जांच में पहले ही फ र्जी पाई जा चुकी हैं। पुलिस एसआईटी के अनुसार फ र्जी तरीके से करवाए गए इन कोर्सों की हजारों फ र्जी डिग्रियां देशभर में बेचकर करोड़ों रुपये कमाए गए हैं।

फरवरी में पेश होगी फाइनल चार्जशीट

मानव भारती फर्जी डिग्री मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से फरवरी में फ ाइनल चार्जशीट पेश की जाएगी। अभियोजन विभाग ने चार्जशीट में कुछ तथ्यों पर आपत्ति जताई थी। अब फाइनल चार्जशीट में और तथ्य डाले जा रहे हैं।

ये हैं कमेटी के मापदंड

– विवि को संबंधित कोर्स की सीटें भरने की अनुमति
– प्रति वर्ष कोर्स की कितनी सीटें भरने की मंजूरी
– जिन छात्रों को प्रवेश दिया गया, उनकी सूचना विनियामक आयोग को दी या नहीं
– हर वर्ष छपने वाले गजट और ग्रीन शीट रजिस्टर में छात्रों की एंट्री है या नहीं

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