
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर के रहने वाले जसबीर सैनी के होनहार बेटों ने एक अनोखा सफर शुरू किया है। डाॅ. सुनील सैनी व डाॅ. राजेश सैनी भाईयों की जोड़ी ने 29 सितंबर को लंदन से दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केप टाउन की अनोखी यात्रा ‘राफा’ में शुरू की है।
2015 में भाईयों को लंदन टू नाहन की सड़क यात्रा का अनुभव है। हालांकि, उस समय वो भारत में ‘राफा’ को लेकर दाखिल नहीं हो सके थे, क्योंकि म्यांमार व श्रीलंका में सड़क संपर्क टूटा हुआ था। बहरहाल, इस दिलचस्प सफर के बारे में डाॅ. सुनील सैनी ने एमबीएम न्यूज नेटवर्क से फोन पर लंबी बातचीत की।
क्या है ‘राफा’ की खासियत….
केपटाउन से लंदन की दूरी तकरीबन 30 हजार किलोमीटर संभावित है। इसके लिए डाॅ. सुनील सैनी व डाॅ. राजीव सैनी ने ‘लैंड क्रूजर’ को खास तरीके से माॅडिफाई किया है। इसमें चार लोगों के सोने की व्यवस्था भी है। वाॅशरूम के अलावा रेफ्रीजेरेटर के अलावा किचन की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि रास्ते में होटल न मिले तो राफा को ही सुविधाओं से सुसज्जित रूम में तबदील किया जाए। रूफ टैंट भी साथ है।
गौरतलब है कि भाईयों की जोड़ी ने लंदन से नाहन के सफर में भी इसी लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल किया था, लेकिन उस दौरान इसमें अतिरिक्त सुविधाएं नहीं जोड़ी गई थी।
लैंड क्रूजर राफा क्यों…..
दरअसल, अनोखे सफर पर निकले भाई मशहूर टेनिस खिलाड़ी राफा के फैन हैं। अपने पसंदीदा खिलाड़ी के नाम पर ही लग्जरी गाड़ी को राफा नाम दिया गया है। सफर पर निकलने से पहले राफा की हर तरीके से तकनीकी जांच भी अमल में लाई गई।
18 से 25 देश…
हालांकि, लक्ष्य ये है कि केप टाउन तक पहुंचा जाए। इसके लिए 18 देशों से गुजरना होगा। ये संख्या आंशिक तौर पर बढ़ भी सकती है। लेकिन सबकुछ ठीकठाक रहा तो इस सफर का दायरा बढ़ा दिया जाएगा। कायरा होते हुए इजिप्ट पहुंचे तो राफा करीब 25 देशों की सड़कों को नापेेगी। इजिप्ट से राफा को कंटेनर के जरिए लंदन भेजने की योजना है।
मोरेक्को पहुंची राफा….
29 सितंबर 2022 को लंदन से चली राफा वीरवार को भारतीय समय के अनुसार शाम 5ः30 बजे मोरेक्को से मोर्टेनिया देश के लिए निकल चुकी थी। यहां तक पहुंचने के लिए दो हजार किलोमीटर का सफर तय किया जा चुका था।
सफर के दौरान मस्तीसिएरा में अशांति तो….
हालांकि अफ्रीका महाद्वीप में अधिकांश देश पर्यटन हितैषी हैं। इसका फायदा सफर में डाॅक्टर बंधुओं को मिल रहा है। सिएरा में अशांति के कारण इजिप्ट का रास्ता पकड़ा जाएगा। इस सफर में अफ्रीका महाद्वीप के डेढ़ दर्जन देशों से राफा गुजरेगी।
1997 का टाॅपर तो एक ने छोड़ी नौकरी…
शहर के डाॅ. सुनील सैनी 2004 में लंदन पहुंचे थे। मौजूदा में एक सर्जन हैं। बचपन से ही कुछ हटकर करने का मन था। 1997 में पीएमटी की प्रवेश परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद आईजीएमसी शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। लंदन में 18 साल बिता चुके डाॅ. सुनील अपनी ही धुन के हैं।
लंदन टू केप टाउन की ट्रिप पर निकलने के लिए डाॅ. राजेश सैनी को नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि ये सफर एक-दो नहीं बल्कि चार महीने के करीब का है। बता दें कि डाॅ. राजेश सैनी ने भी आईजीएमसी से ही पढाई की है।
दिवाली की ब्रेक…
बेहद ही सादगी से जीवन जीने वाले भाई हर साल दिवाली पर अपने पैतृक शहर आते हैं। लिहाजा, वो इस दिवाली पर भी अपने ट्रिप को ब्रेक देकर नाहन आएंगे। इसके बाद उसी देश में सीधे जाएंगे, जाएंगे जहां राफा होगी।
खास बातचीत…
डाॅ. सुनील सैनी ने फोन पर बातचीत में कहा कि वो इस सफर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मोरेक्को तक एक दोस्त भी साथ आया था, जो वापस लंदन लौट गया है। एक सवाल के जवाब में डाॅ. सैनी ने कहा कि वैसे तो सफर 20 से 25 हजार किलोमीटर का होना चाहिए, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक तरफ की यात्रा 30 से 33 हजार किलोमीटर की होगी।
मेजबानों के साथ सैनी ब्रदर्सउन्होंने कहा कि कुछ बातों का आप पहले पूर्वानुमान नहीं लगा सकते। मौके पर पहुंचकर ही स्थिति स्पष्ट होती है। खर्चे को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि इस बारे भी कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। मसलन, लंदन में तेल 180 रुपए लीटर मिला तो मोरेक्को में 120 रुपए था। संभवतः अगले देशों में ये कम होगा।
उन्होंने कहा कि कई देशों का वीजा लेने में भी दिक्कत आती है। वीजा न मिलने की स्थिति में रूट में बदलाव भी करना पड़ सकता है। कई बार अलग-अलग देशों में मौसम भी प्रतिकूल नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि ऐसे कई बिन्दू हैं, जिनका अंदाजा आप पहले नहीं लगा सकते।
उन्होंने कहा कि अपने रथ का नाम मशहूर टेनिस खिलाड़ी राफा के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत के कानून में बदलाव हुए हैं, लिहाजा वो राफा को लेकर इंडिया नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि केपटाउन के पश्चिमी तट तक पहुंचने के बाद इजिप्ट से राफा को कंटेनर के जरिए लंदन भेजने का प्लान है।
