
शिमला, जसपाल ठाकुर
हिमाचल में शिक्षण संस्थानों को खोलने से पहले सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग डॉ. अमरजीत शर्मा ने इस को लेकर ने सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को सर्कुलर जारी कर दिया है। राज्य में 45 साल से अधिक आयु के शिक्षकाें को पहले ही वैक्सीन लग चुकी है। अब 18-44 साल आयु के शिक्षकों को वैक्सीन लगाने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा।
निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग ने वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर दी है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों के ब्लॉक प्रोजेक्ट अधिकारी (बीपीओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिक्षा विभाग ने इन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने ब्लॉक में कार्यरत निजी व सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षकों को वैक्सीन लगाना सुनिश्चित करें।
इस कार्य के लिए यदि शिक्षक और गैर शिक्षकों की वॉलंटियर के लिए जरूरत पड़ती है तो वह ड्यूटी लगाने के लिए भी अधिकृत होंगे। निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बीपीओ अपने क्षेत्र के बीएमओ के साथ संपर्क करें और वैक्सीनेशन के स्थल चयन से लेकर अन्य सभी चीजों पर चर्चा करें ताकि शिक्षकों को नजदीक ही वैक्सीन लग सके।
कौन देगा सर्टिफिकेट
शिक्षा निदेशक ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वह बीपीओ के साथ समन्वय स्थपपित करें। वैक्सीनेशन को लेकर शिक्षकों को जागरूक भी करें, ताकि सभी समय पर वैक्सीन लगा सकें। विभाग ने सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक और प्रधानाचार्यों को 18 से 44 आयु के शिक्षक और गैर शिक्षकों को वैक्सीनेशन के लिए सर्टिफिकेट जारी करने के लिए अधिकृत किया है, जबकि निजी स्कूलों के इसी आयु वर्ग के शिक्षक और गैर शिक्षकों को वैक्सीनेशन के लिए सर्टिफिकेट ब्लॉक प्रोजेक्ट ऑफिसर देंगे।
