हिमाचल में आपदा प्रभावित परिवारों को रहने के लिए सरकार देगी 5000 रुपये मासिक किराया

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शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन इस बार भीषण तबाही लेकर आया है। प्रदेश में अब तक प्राकृतिक आपदाओं के चलते 700 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। आपदा में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि आपदा पीड़ितों को रहने के लिए 5000 रुपये प्रतिमाह किराया दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को राशन व अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 20 जून से लेकर अब तक राज्य में 69 लोगों की मौत हुई है जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत कर प्रदेश की स्थिति से अवगत करवाया, जिस पर गृह मंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। आपदा के नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम भी आज हिमाचल पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में एक साथ बादल फटने की घटनाएं बढ़ना चिंता का विषय है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के रास्ते तलाशे जा सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की 280 सड़कों पर आवाजाही ठप है, 332 स्थानों पर बिजली सेवाएं बाधित हैं और 784 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जयराम ठाकुर आपदा में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर का यह आरोप झूठा है कि मुख्यमंत्री ने उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राजनीति नहीं, बल्कि लोगों की मदद जरूरी है। उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत पर भी तंज कसते हुए कहा कि कंगना को जयराम ठाकुर से बात कर यहां आना चाहिए और आपदा में मदद करनी चाहिए।

सुक्खू ने फोरलेन निर्माण में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को काम देने की बजाय स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि स्थानीय ठेकेदारों को पहाड़ों के भूगोल की बेहतर समझ होती है और वे नुकसान कम कर सकते हैं।

ये रहे उपस्थित

बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, डिप्टी स्पीकर विनय कुमार सहित आला अधिकारी मौजूद रहे।

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