हिमखबर डेस्क
शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 870 शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीईटी) पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह भर्ती के हालिया फैसले के बाद की जा रही है, जिसमें पूर्व के विवादित आदेशों को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को भर्ती आगे बढ़ाने की अनुमति मिली है।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इन पदों को जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत भरा जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 21,500 रुपये प्रतिमाह फिक्स मानदेय दिया जाएगा।
विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों (प्राथमिक) को निर्देश दिए हैं कि वे भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू करें। यह पूरा मामला राज्य बनाम योग राज केस से जुड़ा रहा है, जिस पर हाई कोर्ट ने जनवरी 2026 में फैसला सुनाया।
अदालत ने 2022 के सिंगल बेंच के आदेश को निरस्त करते हुए राज्य सरकार की अपील स्वीकार की और भर्ती का रास्ता साफ किया। इसके बाद सरकार ने 13 मार्च 2026 को 870 पद भरने की मंजूरी दी।
प्रदेश में लंबे समय से पीईटी भर्ती लंबित थी। इस फैसले से जहां स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं युवाओं को रोजगार का बड़ा अवसर भी मिलेगा।
जारी सूची के अनुसार सबसे ज्यादा पद कांगड़ा जिले में हैं। इसके अलावा कई जिलों में भी बड़ी संख्या में भर्तियां होंगी। कांगड़ा में 189, मंडी में 158, शिमला में 106, चंबा में 83, सिरमौर में 76, ऊना में 73, हमीरपुर में 48, कुल्लू में 42, सोलन में 40, बिलासपुर में 25, किन्नौर में 18, लाहौल-स्पीति में 12 पदों पर भर्ती होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले जारी सभी भर्ती विज्ञापनों को वापस लिया जाएगा। अब नई प्रक्रिया के तहत बैचवाइज भर्ती के लिए श्रेणीवार रिक्विजिशन तैयार की जाएगी। जिलों को पांच दिन के भीतर सभी आवश्यक आंकड़े भेजने को कहा गया है।
आरक्षण और रोस्टर का ध्यान
भर्ती प्रक्रिया रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन रूल्स के अनुसार होगी। साथ ही रोस्टर के आधार पर सभी आरक्षण श्रेणियों को कवर किया जाएगा और लंबित बैकलॉग पदों को भी शामिल किया जाएगा।
निर्देशों में कहा गया है कि जिन सरकारी मिडिल स्कूलों में छात्रों की संख्या 100 से कम है, वहां रोस्टर लागू करने के लिए पदों की गणना अलग तरीके से की जाएगी। हालांकि वहां कार्यरत पीईटी को रोस्टर में गिना जाएगा।

