
लगाकर दुसरी बार सिर्फ बेटियों के पिता बने मुख्यमंत्री और पहली मर्तबा बना उपमुख्यमंत्री भी सिर्फ बेटी का पिता- साधू राम राणा
दुराना – राजेश कुमार
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने हाल ही हिमाचल में हुए विधानसभा चुनावों पर चुटकी लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त हुए कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुए चुनावों में बहुत कुछ नया देखने को मिला है जो शायद इससे पहले कभी नहीं देखा गया था।
हिमाचल में 1977 के बाद किसी भी राजनीति दल की सरकार का रिपीट करने का सपना पूरा होता नहीं दिखा लेकिन हिमाचल में लगातार दो ऐसे मुख्यमंत्री बनते जनता ने देख लिए जिनका कोई बेटा नहीं बल्कि बेटियां ही हैं।
इस से पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह जी का कोई बेटा नहीं बल्कि बल्कि दोनों बेटियों के पिता हैं और ऐसे ही पहली मर्तबा रिवाज बदलने के एवज में बने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी एक ही बेटी के पिता हैं।
अतः यह संयोग शायद बेटियों के महत्व के कारण देखने को मिला जबकि बेटों की प्राप्ति की चाहत में फंसे हुए इस सम्मानित पद पर हसीन होने से लगातार दो बार चूक गए हैं।
अतः राजनीति में सक्रिय राजनेताओं को यह बात समझनी चाहिए कि राजनीति सफलता में बेटियों की सच्ची भावनाओं का महत्व स्वार्थी बेटों से ज्यादा देखने को मिलता हुआ नजर आने लगा है।
अतः बेटा होने की चाहत रखना और बेटी होने की मायूसी कम से कम अब सफ़ल राजनीति केलिए शुभ संकेत नहीं रहा है।
