
बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की बैठक में लिया अन्नपूर्णा थाली बंद करने का फैसला
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल पथ परिवहन निगम की महत्वाकांक्षी अन्नापूर्णा योजना प्रदेश के बस अड्डों से गायब हो गई है। यात्रियों को अब बस अड्डों पर 25 रुपए में भरपेट खाना खिलाने वाली अन्नापूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की बैठक में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है।
सनद रहे कि पूर्व प्रदेश सरकार ने बस अड्डों में यात्रियों के लिए राजीव थाली योजना चलाई थी। उसके बाद इसका नाम अन्नापूर्णा योजना किया गया। हिमाचल पथ परिवहन निगम के सूत्र बताते हैं कि इस योजना का उद्देश्य बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों व यात्रियों को सस्ती दर पर खाना परोसना था तथा हिमाचल के बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार से जोडऩा था। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित कैंटीन धारक से 5 वर्ष का एग्रीमैंट करवाया गया।
इसलिए बंद करनी पड़ी योजना
विदित रहे कि योजना का खर्चा सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन व हिमाचल पथ परिवहन निगम के सौजन्य से होता था। प्रदेश सरकार ने इस योजना को पायलट प्रोजैक्ट के तहत रोहड़ू, हमीरपुर, शिमला, धर्मशाला, सुंदरनगर व सोलन में चलाया था। निगम की नजरों में योजना को पूर्ण रूप से सिरे न चढ़ते देख हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की सुप्रीम बॉडी की बैठक में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया।
एमडी एचआरटीसी को भेजी नए टैंडर की फाइल : मेहता
हिमाचल प्रदेश बस अड्डा विकास प्राधिकरण शिमला के मंडलीय प्रबंधक एमआर मेहता ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना का एग्रीमैंट पूरा होने के बाद तथा नए एग्रीमैंट व टैंडर प्रक्रिया के लिए फाइल एमडी एचआरटीसी को भेजी गई थी। योजना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के बाद बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की बैठक में इस योजना को बंद कर दिया गया है।
