
देहरा – शिव गुलेरिया
जिला काँगड़ा के वनमण्डल देहरा ते तहत पड़ती पंचायत झकलेड में दिन दिहाड़े तीन हरे भरे पीपल के पेड़ों पर आरी चला दी गई।
वहीं जब इसकी भनक मीडिया को लगी तो इस बारे में वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी।
विभागीय कर्मचारियों ने मौका पर पहुंच कर टैक्टर के साथ पीपल के कटे हुए हिस्सों को पकड़ा। विभाग के कर्मचारी पहुंच कर कार्यवाई में जुट गए है।
यहां आपको बता दें कि पीपल का वृक्ष राष्ट्रीय वृक्ष में गिना जाता है। जिसको काटने की परमिशन विभाग द्वारा कतई भी नहीं दी जाती है ।
ये परमिशन तब ही मिलती है जब पीपल की बजह से नुकसान हो रहा हो । साथ मे बिना परमिशन काटने पर एफआईआर दर्ज होती है।
अब यहां देखना यह है कि पीपल के वृक्षों के काटने पर विभाग कार्यवाई करता है या सिर्फ लीपापोती ?
क्या कहते हैं अधिकारी
वही जब आरओ सुभाष चंद से बात हुई तो उन्होंने बताया कि बिना परमिशन पीपल के पेड़ काटने की सूचना मिली है। उचित कारिवाई अमल में लाई जाएगी।
वही जब मुख्य अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर से बात हुई तो उन्होंने बताया कि पीपल के पेड़ को बिना परमिशन के मलकिती भूमि से भी नहीं काटा जा सकता।
पीपल के पेड़ काटने की सूचना मिली है टैक्टर को जब्त किया जाएगा।तथा डीएफओ को जांच के आदेश दिए गए है।
