सिरमौर – नरेश कुमार राधे
जिला सिरमौर के हरिपुरधार में 9 जनवरी को हुए निजी बस हादसे के कारणों की जांच पूरी हो गई। जांच में सामने आया है कि ओवरलोड बस टूटे पुर्जों के साथ दौड़ रही थी। यांत्रिक और मानवीय चूक से यह हादसा हुआ है।
संगड़ाह के एसडीएम सुनील कायथ की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने हादसे के कारणों को सामने लाते हुए अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में हादसे के चौंकाने वाले कारणों के साथ बड़ी लापरवाही सामने आई है।
जांच रिपोर्ट में हादसा यांत्रिक और मानवीय त्रुटि से होना पाया गया है। बस ओवरलोड पाई गई। जांच में पता चला है कि बस का जे-क्राॅस टूटा हुआ था।
यह यूनिवर्सल ज्वाइंट क्रॉस इंजन की ड्राइव को टायर तक पहुंचाने वाला शाॅफ्ट होता है, जो वाहन की दिशा को कवर करता है।
बस में क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री सवार थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि ओवरलोड होने के चलते वह टूटा होगा। जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां बस के स्किड होने का प्रमाण टीम को नहीं मिला है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर सड़क पर गड्ढे से बचने के लिए दायीं तरफ बस को मोड़ा गया, जिसके साथ ही बस सामने की तरफ से ढांक से नीचे गिर गई और तीन बार पलटी।
जांच एसडीएम की अध्यक्षता में सहायक अभियंता मेकेनिकल, संगड़ाह थाना के एसएचओ ने की। एचआरटीसी के 30 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मेकेनिकों की भी मदद ली गई।
बस 15 साल से अधिक पुरानी थी, लेकिन बस का फिटनेस प्रमाणपत्र था। जांच में सामने आया है कि चालक व परिचालक के लाइसेंस एक्सपायर हो चुके थे। इसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।
यह है मामला
बता दें कि जिला के हरिपुरधार में 9 जनवरी को एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में मासूम बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 61 लोग घायल हुए थे। हादसे के अगले दिन उपायुक्त सिरमौर ने हादसे के कारणों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित की थी।
प्रियंका वर्मा, उपायुक्त सिरमौर के बोल
हादसे के कारणों की जांच के लिए गठित टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है। हादसे का कारण यांत्रिक और मानवीय त्रुटि सामने आया है। रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दी गई है।

