सिरमौर – नरेश कुमार राधे
जिला सिरमौर विधिक सेवा प्राधिकरण ने हरिपुरधार में बस दुर्घटना से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में शनिवार दोपहर को प्राधिकरण के सदस्यों ने पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ बातचीत की और उन्हें कानूनी सहायता और समर्थन प्रदान करने की पेशकश की।
इस दौरान विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता और कर्मचारी शामिल रहे। नाहन, ददाहू और संगड़ाह के अस्पतालों में पीड़ितों, उनके परिजनों और मृतकों के परिवार के सदस्यों की सहायता के लिए पैरा लीगल स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया था।
क्या सहायता कर रहा प्राधिकरण
दुर्घटना पीड़ित को चार लाख रुपये मुआवजा मिलता है। इसके लिए कोर्ट में जो भी कार्यवाही होगी, इसके लिए प्राधिकरण सहायता करेगा। साथ ही वकील की फीस भी प्राधिकरण की ओर से दी जाएगी। इसके अलावा जो भी दस्तावेज बनेंगे, इसमें भी प्राधिकरण की ओर से सहायता की जा रही है।
हेल्पलाइन के बारे में बताया
एडवोकेट सुभाष शर्मा (मुख्य कानूनी सहायता बचाव वकील), एडवोकेट मंजीत सिंह, (सहायक कानूनी सहायता बचाव वकील), पैरा लीगल वालंटियर्स कमला, लेखराज व विजय कुमार ने पीड़ितों और उनके परिवारों को निःशुल्क विधिक सेवा और परामर्श का आश्वासन दिया गया और आगे की सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन (15100) के बारे में सूचित किया गया।
प्राधिकरण ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नाहन के चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल के साथ पीड़ितों के कल्याण के मामले को भी उठाया, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर सहायता
यह पहल विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) सिरमौर के निर्देशन में की गई, जो ऐसे मामलों में विधिक और प्रशासनिक सहायता के महत्व को रेखांकित करती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर का यह प्रयास दुर्घटना से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता और समर्थन प्रदान करने में महत्वपूर्ण है।
विधिक सहायता और चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करके, प्राधिकरण इस कठिन समय के दौरान पीड़ितों और उनके परिवारों के कुछ बोझ को कम करने में मदद कर रहा है।

