सामान्य वर्ग संयुक्त मंच ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री को अंतिम चेतावनी

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कांगड़ा – राजीव जसवाल

सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन कांगड़ा में  महाराणा प्रताप भवन कांगड़ा के सभागार में राजपूत कल्याण ट्रस्ट के चेयरमैन कुलदीप चंद ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया।

इस बैठक में संयुक्त मंच से जुड़े सामान्य वर्ग के प्रदेश स्तरीय मुख्य संगठनों विशेषकर राजपूत महासभा, क्षत्रिय सभा, ब्राह्मण सभा, महाजन सभा, नामधारी संगत तथा अहलूवालिया सभा आदि के शीर्ष पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संयुक्त मंच के प्रदेशाध्यक्ष के एस जम्वाल तथा चेयरमैन भूपेंद्र ठाकुर ने विशेष रूप से भाग लिया।

बैठक में सर्वसम्मति से हिमाचल सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री महोदय द्वारा सामान्य वर्ग के हितों की लगातार अनदेखी किए जाने पर गहरी चिन्ता व्यक्त की और आने वाले समय में इसके विरोध में मंच द्वारा जारी प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान को और गतिशील करके सभी राजनेताओं का उनके क्षेत्रों में आने पर घेराव करने का  आहवान किया। ताकि सामान्य वर्ग की ज्वलंत एवम् चीर लंबित समस्याओं को शीघ्र हल करने हेतु उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करवाने हेतु दबाव बनाया जा सके।

बैठक को संबोधित करते हुए के.एस.जम्वाल प्रदेशाध्यक्ष तथा भूपेंद्र ठाकुर चेयरमैन ने कहा कि सामान्य वर्ग संयुक्त मंच का शिष्टमंडल पिछले विधानसभा सत्र के दौरान हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला था और उस समय सामान्य वर्ग आयोग के गठन की नोटीफीकेशन में व्यापक त्रुटियों को दूर करने, जिसमें विशेषकर आयोग को अधिनियम के रूप में लागू करना, इसका कार्यकाल अन्य जाति विशेष के आयोगों की भांति पूरे 5 वर्ष करना तथा इसमें सामान्य वर्ग के संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।

जिस पर मुख्यमंत्री महोदय ने सकारात्मक हामी भरते हुए शीघ्र ही बातचीत करके सुधार करने का आश्वासन दिया था। मगर विडंबना देखिए हिमाचल सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष हो जाने पर भी अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है, मगर उल्टा जो भी संगठन इसके ऊपर विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं उनकी आवाज को कुचलने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

यही नहीं मुख्यमंत्री महोदय ने सामान्य वर्ग की अन्य मुख्य  समस्याओं जैसा कि सामान्य वर्ग के 7 % BPL के  कोटे को 10 % EWS के कोटे में मर्ज कर दिया गया है।

उसे sc-st की तर्ज पर पुनः बहाल करने, बाहरी राज्यों के युवाओं को हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग के कोटे में सरकारी नौकरियों में सेंध लगाने से रोकने हेतु sc-st की तर्ज पर हिमाचली बोनाफाइड की शर्त लगाना तथा एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के अंतर्गत बेतहाशा झूठे व मनगढंत मुकदमो पर लगाम लगाने हेतु हिमाचल सरकार द्वारा 4 से 5 करोड़ तक भारी भरकम अंधाधुंध धन आवंटन को शीघ्र रोकने आदि के ऊपर भी सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने आगे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि शीघ्र ही मंच का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से अंतिम बार मिलकर उन्हें सामान्य वर्ग आयोग के गठन तथा अन्य समस्याओं पर  निर्णय लेने का अल्टीमेटम देगा और यदि फिर भी  सरकार समय रहते इन समस्याओं के ऊपर ध्यान नहीं देती है और सामान्य वर्ग के लोगों विशेषकर युवाओं को अनंतर प्रताड़ित करती रहती है तो मंच आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार का भरपूर विरोध करने के लिए मजबूर होगा।

ये रहें मौजूद 

बैठक में राजपूत कल्याण सभा कांगड़ा के अध्यक्ष केएस चम्बयाल,महासचिव मन्हास जगरूप सिंह राणा, जितेंद्र वशिष्ठ,कर्नल रमेश वालिया, सुदेश राणा, सरिता हांडा बालचंद वालिया, हेम सिंह ठाकुर, यश पठानिया,राजेंद्र सिंह राणा,नरोत्तम रावत, डीके चंदेल,सुभाष पठानिया, युध्द वीर कटोच, दिलवर सिंह ठाकुर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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