
शिमला – नितिश पठानियां
हौसला बुलंद हो तो उम्र मायने नहीं रखती। ऐसा ही हौसला लेकर देहरादून के छह साइकिलिस्ट 2,000 किमी के सफर पर निकले हैं। खास बात यह है कि यह सभी साइकलिस्ट 60 से 75 साल की उम्र के हैं, लेकिन इनका हौसला पहाड़ जैसा है।
देहरादून से निकले यह सभी साइकलिस्ट लेह तक का सफर तय करेंगे। लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश देने के लिए इन्होंने यह अभियान छेड़ा है। 28 अगस्त को इनका दल देहरादून से निकला था।
मंगलवार को यह सभी शिमला पहुंचे। काजा, किन्नौर से होते हुए यह दल अटल टनल रोहतांग पहुंचेगा और इसके बाद लेह तक का सफर साइकिल से ही तय करेंगे। लेह से वापस यह दल देहरादून पहुंचेगा।
दल का नेतृत्व कर्नल अनिल गुरुंग कर रहे हैं। इसके अलावा दल में विनोद सकलानी, गोपाल थापा, विश्व धीमान, कमलजीत धीमान और पुष्पेंद्र पंवार शामिल हैं। विनोद सकलानी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अच्छा स्वास्थ्य ही जिंदगी में खुश रहने की चाबी है।
यही संदेश देने के लिए उनका दल निकला है। इससे पहले वह देहरादून से गंगोत्री और खारदूंगला जैसे दुर्गम क्षेत्रों का सफर साइकिल से कर चुके हैं। सकलानी ने युवाओं को संदेश दिया कि नशे से दूर रहें और शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए साइकलिंग करें।
