
नूरपुर – देवांश राजपूत
साइकल यात्रा मिशन पर निकले प्रताप गढ़ के रहने वाले सुंदरम तिवारी (26) ने नूरपुर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को पर्यावरण, फिट इंडिया, स्वच्छ भारत सहित अन्य कार्यक्रमो की विस्तार से जानकारी दी।
तिवारी की साइकिल यात्रा 4 अप्रैल से उत्तर प्रदेश से शुरू होकर चंबा जिला कवर कर नूरपुर में प्रवेश की। सुंदरम तिवारी 2016 के बी. फार्मेसी पास आउट हैं तथा साइकल यात्रा पर एक मिशन पर निकले है जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण, फिट इंडिया और स्वच्छ भारत का संदेश सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ वार्तालाप के माध्यम से पहुंचना है।
इसी बीच वह स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों का भी आधे घंटे का सत्र आयोजित कर रहे हैं तथा विभिन्न मुद्दों पर उन्हें संबोधित कर रहे है। हिमाचल प्रदेश में लाहौल स्पीति और मंडी जिले को छोड़कर सुंदरम दस जिलों का दौरा कर चुके है और 8 मई को शिमला में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भी मुलाकात कर जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण के प्रमुख मुद्दों पर उनके साथ बातचीत कर चुके है।
सुंदरम ने बताया कि उन्होंने 4 अप्रैल से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के दौरे किए है। उन्होंने लखनऊ से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की थी, जिसको राज्य के पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने झंडी दिखाकर रवाना किया। बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के कुछ विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों के आर्थिक समर्थन से सुंदरम अपने मिशन की तरफ बढ़ रहे है।
तिवारी जो की नेचर ग्रीन फ्यूचर संस्था के संस्थापक भी है ने बताया कि वह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से काफी प्रभावित हुए है जो सामाजिक सरोकारों स्वच्छ भारत मिशन, फिट इंडिया मूवमेंट आदि पर सराहनीय कार्य कर रहे है और कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना बनाया है ।
नूरपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल( बॉयज) स्कूल के छात्रों को सम्बोधित करते हुए तिवारी ने कहा कि दुनिया के शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 8 शहर है जिसमें दिल्ली दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित है। “ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पर किए गए अध्ययनों के अनुसार 12 गर्म जलवायु वाले शहर शीर्ष में हैं।
भारत में 15 गर्म शहर है जिनमें से 7 राजस्थान में हैं जबकि यूपी में बांधा दुनिया का सबसे गर्म शहर है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन दुनिया में एक बड़ी चुनौती है और केवल पर्यावरण संरक्षण और वनरोपण इस खतरे को रोक सकता है।
