बिलासपुर – सुभाष चंदेल
बिलासपुर जिला की ग्राम पंचायत खुराणी में पेयजल संकट के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक निजी ठेकेदार ने सरकारी हैंडपंप पर मोटर लगाकर उसका पानी भवन निर्माण में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार अब गांव के आम लोगों को पानी देने से साफ इनकार कर रहा है।
ग्रामीणों ने सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग स्वारघाट को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। जिसमें उन्होंने बताया है कि हेलीपैड पर लगे सरकारी हैंडपंप से एक निजी ठेकेदार बिना अनुमति के पानी निकालकर भवन निर्माण में लगा रहा है। यह हैंडपंप पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर के प्रयासों से उस स्थान पर लगाया गया था, जहां पहले एक पुरातन जोहड़ी (तालाब) हुआ करती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने पहले गांववालों से वादा किया था कि निर्माण कार्य के साथ-साथ गांव को भी पानी दिया जाएगा, लेकिन अब वह सिर्फ अपने चहेतों को पानी दे रहा है और बाकी ग्रामीणों को मना कर रहा है। इससे गांव में भारी रोष है।
चेतराम, वार्ड सदस्य जीतराम, बलवीर सिंह, राकेश, श्यामलाल, मंगलदास, जगदीश स्वामी सहित अनेक ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी जानना चाहा है कि क्या विभाग ने ठेकेदार को हैंडपंप पर मोटर लगाने की अनुमति दी है। यदि नहीं, तो इस कार्य को अवैध मानते हुए संबंधित ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने आग्रह किया है कि विभाग ठेकेदार द्वारा लगाई गई मोटर को तुरंत प्रभाव से हटाए और उसे जब्त करे, ताकि गर्मी के मौसम में इस हैंडपंप से गांव के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके। उनका कहना है कि वे बिना मोटर के भी हाथ से हैंडपंप चला कर पानी निकालने को तैयार हैं।
ग्रामीणों की इस मांग को देखते हुए अब यह देखना अहम होगा कि जल शक्ति विभाग इस पर कितना शीघ्र और प्रभावी संज्ञान लेता है।